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मंजीत की मौत में नया मोड़, घटना वाली रात सेक्टर-34 पहुंची थी; साथ थी करीबी दोस्त.

Mohali News: पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि घटना वाली रात मंजीत चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में किस तरह पहुंची थी और उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे।

जांच में सामने आया है कि 3 जुलाई की रात मंजीत सेक्टर-34 आई थी और उस समय उसके साथ उसकी एक करीबी युवती दोस्त भी थी। मंजीत के पास थार गाड़ी होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह अपनी थार से सेक्टर-34 पहुंची थी या कैब के जरिए वहां आई थी।

सेक्टर-34 पहुंचने को लेकर जांच तेज

पुलिस जांच में यह जानकारी सामने आने के बाद मामले की दिशा में एक अहम कड़ी जुड़ गई है। अब जांच अधिकारी मंजीत के सेक्टर-34 पहुंचने से लेकर वहां से आगे जाने तक की पूरी गतिविधियों को खंगाल रहे हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंजीत उस रात सेक्टर-34 में किस स्थान पर गई थी, वहां किससे मिली और कितनी देर तक वहां रही।

इसके अलावा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसके मूवमेंट की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

बेस्ट फ्रेंड नेहा भी जांच के दायरे में

मामले में मंजीत की करीबी दोस्त नेहा से जुड़ी गतिविधियों को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार, घटना 3 जुलाई को हुई थी, जबकि अगले दिन यानी 4 जुलाई को नेहा मोहाली के शोको और मास्क क्लब गई थी।

बताया जा रहा है कि उस दौरान उसके मोबाइल फोन में मंजीत की तस्वीर मौजूद थी। पुलिस अब यह समझने का प्रयास कर रही है कि नेहा और मंजीत के बीच घटना से पहले और बाद में किस तरह संपर्क हुआ था।

हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से नेहा को लेकर किसी तरह का आरोप तय नहीं किया गया है। उसकी भूमिका से संबंधित जानकारी जांच का हिस्सा है।

मां ने शुभी और पिंदा पर लगाए गंभीर आरोप

मंजीत की मां कांता देवी ने पुलिस को दिए अपने बयान में शुभी और पिंदा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मां का आरोप है कि दोनों ने मंजीत को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास बुलाया था। इसके बाद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया गया।

कांता देवी के मुताबिक, मंजीत को कथित तौर पर मोरिंडा के जंगल इलाके में ले जाया गया, जहां उसे एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई।

पुलिस अब मां की ओर से लगाए गए इन आरोपों और जांच में सामने आई सेक्टर-34 वाली जानकारी को आपस में जोड़कर देख रही है।

मोरिंडा में आग लगाने की बात की भी जांच

मामले में एक अहम सवाल यह है कि मंजीत के साथ कथित वारदात कहां हुई थी। शुरुआती तौर पर मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में घटना होने का आरोप लगाया गया था, जबकि अब पुलिस जांच में 3 जुलाई की रात मंजीत के चंडीगढ़ के सेक्टर-34 पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

इसी वजह से पुलिस दोनों स्थानों के बीच की कड़ियों को तलाश रही है।

जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मंजीत सेक्टर-34 से आगे कहां गई और उसके बाद उसके साथ क्या हुआ।

थार या कैब, किससे पहुंची थी मंजीत?

जांच में यह तथ्य भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि मंजीत के पास थार गाड़ी थी। इसलिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना वाली रात वह अपनी थार से सेक्टर-34 पहुंची थी या उसने कैब का इस्तेमाल किया था।

इसके लिए पुलिस वाहन से जुड़े रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

अगर पुलिस को उसके आने-जाने का पूरा रूट मिल जाता है तो घटना की टाइमलाइन को समझने में मदद मिल सकती है।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

मंजीत कौर की मौत का मामला सामने आने के बाद से ही पुलिस के सामने कई सवाल हैं। घटना वाली रात वह सेक्टर-34 क्यों पहुंची थी? उसके साथ मौजूद युवती दोस्त कौन थी? वह वहां किससे मिलने गई थी? सेक्टर-34 से उसके आगे जाने की स्थिति क्या रही? और मां की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है?

पुलिस इन सभी सवालों के जवाब जुटाने में लगी है।

फिलहाल जांच में सामने आए नए तथ्यों को पुराने बयानों और सबूतों से मिलाया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार की जाए, जिससे मंजीत की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि 3 जुलाई की रात मंजीत के साथ वास्तव में क्या हुआ था और इस मामले में किन लोगों की भूमिका थी।

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