ChhattisgarhCrimeIndiaTrending

17 साल की लड़की की हत्या के मामले में नया मोड़, आरोपियों को लेकर आई खबर से मचा विवाद!

17 साल की लड़की की हत्या के मामले में नया मोड़, आरोपियों को लेकर आई खबर से मचा विवाद!

मुंगेली: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में 17 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले में अब आरोपियों को कथित तौर पर जमानत मिलने की खबर से विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में किशोरी के कथित प्रेमी और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था। अब जमानत को लेकर सामने आए दावों के बीच न्यायालय के आदेश और आरोपियों की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

घर में मिला था किशोरी का शव

मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नेवासपुर गांव का है। रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 को किशोरी घर में बिस्तर पर अचेत मिली थी। उसके गले पर चोट और खरोंच के निशान बताए गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और जांच के दौरान हत्या की आशंका सामने आने पर मामला दर्ज किया।

पुलिस ने इस मामले में लिलवाकापा निवासी अजीत घृतलहरे (22) और उसके साथी साहिल खाण्डे (20) को गिरफ्तार किया था।

दूसरे युवक से बातचीत को लेकर था विवाद

पुलिस के अनुसार, अजीत और किशोरी के बीच पहले से प्रेम संबंध थे। जांच में सामने आया कि किशोरी के किसी अन्य युवक से बातचीत करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस का दावा है कि हैदराबाद से लौटने के बाद अजीत ने अपने साथी को इस विवाद के बारे में बताया था।

पुलिस ने हत्या को लेकर क्या बताया?

पुलिस की जांच के मुताबिक, 19 अक्टूबर की रात दोनों युवक मोटरसाइकिल से गांव पहुंचे। आरोप है कि साहिल घर से कुछ दूरी पर निगरानी कर रहा था, जबकि अजीत दीवार फांदकर घर के अंदर गया।

पुलिस के अनुसार, किशोरी को फोन पर बातचीत करते देखकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि हाथापाई के दौरान अजीत ने उसका गला दबा दिया। इसके बाद शव को दूसरे कमरे में बिस्तर पर रख दिया गया, ताकि घटना सामान्य मौत जैसी लगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने और दम घुटने से मौत होने की बात बताई गई है।

ये आरोप पुलिस की जांच पर आधारित हैं। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना है।

जमानत की खबर ने क्यों बढ़ाई हलचल?

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब दावा किया जा रहा है कि दोनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत मिल गई है। इसी दावे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रशासन जमानत आदेश को उच्च अदालत में चुनौती देने पर विचार कर सकता है।

हालांकि, जमानत आदेश की आधिकारिक प्रति उपलब्ध नहीं होने और आरोपियों की न्यायिक स्थिति को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आने के कारण इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अधिकारियों की मुलाकात को लेकर भी चर्चा

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को कथित जमानत मामले से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इसके उद्देश्य और बातचीत के विषय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या दोनों आरोपियों को वास्तव में जमानत मिली है और यदि मिली है, तो प्रशासन उसे चुनौती देने के लिए क्या कानूनी कदम उठाएगा। इसका स्पष्ट जवाब न्यायालय के आदेश और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।

सत्‍य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस के दावों पर आधारित है। जमानत की स्थिति और संबंधित घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोप साबित होना अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply