
गंगा नदी में नाव पलटने से मची चीख-पुकार, ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य; मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी पर हुआ नाव हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गया। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में 13 लोगों की मौत हुई और एक ही परिवार के सात बच्चों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने दुख जताया है।
रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुआ हादसा
यह दुर्घटना राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नाव पर लगभग 20 से 30 लोग सवार थे। वे गंगा नदी पार कर पड़ोसी गांव में आयोजित भोज में शामिल होने जा रहे थे।
बताया गया कि नाव जब नदी की बीच धारा में पहुंची, तभी वह अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इसके बाद नाव पर सवार लोग पानी में गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों को बचाने के लिए आसपास के ग्रामीण नदी की ओर दौड़े।
एक ही परिवार के सात बच्चों की मौत से मातम
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में रामप्रवेश राय उर्फ राजा के परिवार के सात बच्चों की मौत हुई। एक ही परिवार के कई बच्चों की जान जाने की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिवारों के लिए अपनों को खोने का दर्द बेहद असहनीय है। हादसे में प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य
नाव पलटने के बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी में डूबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
नदी में डूबे लोगों को तलाशने और प्रभावितों की मदद करने के लिए प्रयास किए गए। हादसे में कितने लोग सवार थे और कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया, इस संबंध में अलग-अलग बयानों में अंतर सामने आया है। इसलिए घटना से जुड़े अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैशाली में हुई नाव दुर्घटना में बच्चों की मौत को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और हादसे में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, मृतकों के निकटतम परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना को हृदयविदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेजी से पूरा करने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
चिराग पासवान ने भी जताई संवेदना
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राघोपुर दियारा में नाव हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने, घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की बात कही।
तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और राघोपुर जाकर प्रभावित परिवारों से मिलने की बात कही।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा को लेकर सवाल
गंगा जैसी बड़ी नदी में नाव से आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा में है। नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे या नहीं, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई—इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल, इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है। प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। हादसे में मृतकों की संख्या और अन्य विवरणों में अंतर होने की स्थिति में आधिकारिक पुष्टि को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।



