Satya Report: सरकार ने पेट्रोल-डीजल महंगा होने वाली खबरों को नकारते हुए राहत भरी जानकारी दी है. सरकार के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिसके कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. बताया गया है कि तेल कंपनियां पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान झेल रही हैं. इसके बावजूद सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.

हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है. लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. मंत्रालय ने कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है और ऐसी खबरें लोगों में डर और भ्रम फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं.
क्यों बढ़ी कच्चे तेल की कीमत?
सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. पिछले साल कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी. अब यह बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है. इसका मुख्य कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. इन घटनाओं के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है.
फिर भी भारत में कीमत स्थिर
इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकार का कहना है कि वह लगातार कोशिश कर रही है कि आम जनता पर इसका बोझ न पड़े. पिछले चार सालों में भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल है जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ी हैं. फिलहाल भारत में दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. .



