
सिर्फ अंधेरे में हो होता है दो लोगों का मिलन (इमेज- सोशल मीडिया)
दुनिया में कई समुदाय ऐसे हैं जो आधुनिक सुविधाओं से दूर रहना पसंद करते हैं. इनमें से एक सबसे चर्चित समुदाय है एमिश. अमेरिका और कनाडा के कुछ हिस्सों में बसे ये लोग बिजली, कार, टेलीविजन और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल नहीं करते. उनके अनुसार इन चीजों का इस्तेमाल ईश्वर को नाराज कर सकता है. वे साधारण जीवन जीते हैं, घोड़ा-गाड़ी से चलते हैं, हाथ से खेती करते हैं और पारंपरिक कपड़े पहनते हैं.
लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक एक्स-एमिश क्रिएटर ने उनके डेटिंग स्टाइल के बारे में ऐसे खुलासे किए हैं कि लोग हैरान रह गए हैं. लोविना हर्शबर्गर जूक नाम की यह युवती खुद एमिश समुदाय में पली-बढ़ी हैं. उन्होंने समुदाय छोड़ दिया है और अब सोशल मीडिया पर एमिश रेसिपीज, कहानियां और परंपराओं को शेयर करती हैं. उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. हाल ही में उन्होंने एक पॉडकास्ट या इंटरव्यू में एमिश डेटिंग की परंपराओं के बारे में बताया.
बेहद आधुनिक है डेटिंग रूल
उनके मुताबिक, एमिश समुदाय में डेटिंग का तरीका काफी अलग और कुछ मायनों में आधुनिक भी है. एमिश लोग आधुनिक तकनीक से दूर रहते हैं. घरों में बिजली नहीं होती. रात में लालटेन या मोमबत्ती की रोशनी में काम चलता है. कार की जगह घोड़ा-गाड़ी का इस्तेमाल होता है. मोबाइल फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया जैसी चीजें आमतौर पर वर्जित होती है. समुदाय के सख्त नियम होते हैं जिन्हें तोड़ने पर बहिष्कार तक हो सकता है. फिर भी डेटिंग के मामले में उनका तरीका अनोखा है. लोविना के अनुसार, एमिश युवक-युवतियां रात के अंधेरे में मिलते हैं. दिन में खुलेआम घूमना या डेट पर जाना आम नहीं है. रात को जब परिवार सो जाता है या काम खत्म हो जाता है तब दो लोग एकांत में बैठकर घंटों बातें करते हैं. यह बातचीत काफी लंबी होती है. वे एक-दूसरे को जानने की कोशिश करते हैं, भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हैं और रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला करते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शादी से पहले शारीरिक संबंधों से पूरा परहेज रखा जाता है. समुदाय में शुद्धता और नैतिकता को बहुत महत्व दिया जाता है. सेक्स सिर्फ विवाह के बाद ही मान्य है.
सख्ती से मनवाए जाते हैं नियम
अगर कोई इस नियम को तोड़ता है तो सख्त सजा या सामाजिक बहिष्कार हो सकता है. इस लिहाज से उनकी डेटिंग स्टाइल पारंपरिक भी है और कुछ मायनों में आज के समय की “नो सेक्स बिफोर मैरिज” वाली सोच से मिलती-जुलती है. सोशल मीडिया पर लोविना के खुलासों ने काफी चर्चा पैदा कर दी है. लोग कमेंट कर रहे हैं कि तकनीक से इतने दूर रहने वाले लोगों की डेटिंग इतनी व्यवस्थित और सख्त कैसे हो सकती है. कुछ यूजर्स ने लिखा कि “अंधेरे में मिलना रोमांटिक लगता है” तो कुछ ने कहा कि “बिजली-कार नहीं चलानी लेकिन डेटिंग मॉडर्न है, अजीब विरोधाभास है.” कई लोगों ने एमिश जीवनशैली के बारे में और जानने की इच्छा जताई. एमिश समुदाय की जड़ें 17वीं-18वीं शताब्दी के यूरोपीय एनाबैप्टिस्ट आंदोलन में हैं. वे सादगी, समुदाय और धार्मिक नियमों को प्राथमिकता देते हैं. आधुनिक दुनिया की भागदौड़ और तकनीक को वे आत्मा के लिए हानिकारक मानते हैं. इसलिए बिजली के तार, कार के इंजन और स्क्रीन वाली चीजों से दूर रहते हैं. फिर भी मानव स्वभाव के अनुसार युवाओं में प्रेम और साथी चुनने की इच्छा स्वाभाविक है. समुदाय ने इसके लिए अपनी व्यवस्था बना रखी है.



