आज के समय में कई लोगों को माइग्रेन की समस्या का सामना करना पड़ता है. इसे अक्सर तेज सिरदर्द से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन माइग्रेन का असर सिर्फ सिर तक सीमित नहीं रहता. इस परेशानी के दौरान व्यक्ति को रोजमर्रा के काम करने, पढ़ाई करने या आराम करने में दिक्कत हो सकती है. माइग्रेन की परेशानी हर व्यक्ति में अलग तरह से महसूस हो सकती है और इसकी वजह से होने वाली तकलीफ भी कम या ज्यादा हो सकती है. इसलिए माइग्रेन को सिर्फ सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है.

के दौरान सिरदर्द के अलावा शरीर में होने वाले दूसरे बदलाव भी व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं. इन बदलावों को समझना इसलिए जरूरी है, ताकि माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच अंतर को समझने में मदद मिल सके. आइए जानते हैं माइग्रेन में सिरदर्द के अलावा कौनसे लक्षण दिख सकते हैं और कब सावधान रहने की जरूरत है.
माइग्रेन में सिरदर्द के अलावा कौनसे लक्षण दिखते हैं?
माइग्रेन में तेज धड़कता हुआ सिरदर्द होने के साथ मतली और उल्टी हो सकती है. कुछ लोगों को तेज रोशनी, आवाज, गंध या छूने से भी परेशानी महसूस हो सकती है. माइग्रेन शुरू होने से पहले कुछ संकेत भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे मूड में बदलाव, गर्दन में अकड़न, बारबार उबासी आना, खाने की क्रेविंग या ज्यादा पेशाब आना.
कुछ लोगों में ऑरा भी हो सकता है. इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या अलगअलग आकृतियां दिखना, नजर कम होना, हाथपैर में झनझनाहट या सुन्नपन और बोलने में परेशानी हो सकती है. अटैक खत्म होने के बाद भी थकान, कमजोरी या उलझन महसूस हो सकती है.
माइग्रेन के लक्षणों से राहत के लिए क्या करें?
माइग्रेन के लक्षणों को कम करने के लिए पर्याप्त नींद, समय पर खाना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. तेज रोशनी और शोर से परेशानी हो तो शांत और कम रोशनी वाली जगह पर आराम करें. रोज थोड़ी शारीरिक एक्टिविटी करना और तनाव कम रखने की कोशिश करना भी मदद कर सकता है.
माइग्रेन कब और किन परिस्थितियों में होता है, इसकी जानकारी डायरी में लिख सकते हैं. इससे अपने ट्रिगर पहचानने में मदद मिल सकती है. अगर माइग्रेन बारबार होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर सही इलाज लेना जरूरी है.
माइग्रेन में कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर माइग्रेन बारबार हो रहा है, पहले से ज्यादा बढ़ गया है या इसके कारण रोज के काम प्रभावित हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें. सिरदर्द का पैटर्न अचानक बदल जाए या दर्द पहले से बिल्कुल अलग महसूस हो, तब भी जांच कराना जरूरी है.
अगर अचानक बहुत तेज सिरदर्द हो, सिरदर्द के साथ बुखार, गर्दन में अकड़न, भ्रम, दौरे, बोलने में परेशानी, नजर की समस्या या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लें. सिर पर चोट लगने के बाद तेज सिरदर्द होने पर भी तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.



