NSE Q1 Results: शेयर बाजार में जब तेजी या गिरावट आती है, तो हम और आप खूब शेयर खरीदतेबेचते हैं. इसी खरीदबिक्री से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की बंपर कमाई होती है. इस साल अप्रैल से जून के बीच एनएसई ने 3,120 करोड़ रुपये का भारी मुनाफा कमाया है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 6.7 प्रतिशत ज्यादा है. आइए एकदम आसान भाषा में समझते हैं कि एक्सचेंज ने इतनी कमाई कैसे की और इसका जो नया आईपीओ आ रहा है, उसमें क्या खास है.

हर सौदे पर फीस, ऐसे हुई मोटी कमाई
जब भी हम शेयर बाजार में कोई शेयर खरीदते या बेचते हैं, तो उस पर एक छोटा सा चार्ज लगता है, जिसे ट्रांजेक्शन फीस कहते हैं. अप्रैल से जून 2026 के बीच बाजार में खूब ट्रेडिंग हुई, जिसका सीधा फायदा एनएसई को मिला. इसी फीस की बदौलत एक्सचेंज की कुल आमदनी 9 प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई. इसमें से सबसे ज्यादा कमाई यानी 3,623 करोड़ रुपये सिर्फ इसी ट्रांजेक्शन फीस से आए हैं. बाकी कमाई डेटा सर्विस और दूसरी चीजों से हुई है.
सरकार को दिया मोटा टैक्स
कमाई बढ़ी है तो जाहिर है कंपनी के कामकाज का खर्चा भी बढ़ा है. इस तीन महीने में एनएसई का खर्चा बढ़कर 1,129 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 1,053 करोड़ रुपये था. एक दिलचस्प बात यह भी है कि इस दौरान एक्सचेंज ने टैक्स और दूसरे चार्जेस मिलाकर सरकारी खजाने में 20,579 करोड़ रुपये जमा किए हैं.
सितंबर में आ सकता है IPO
इस शानदार मुनाफे के साथ ही एनएसई के आईपीओ की चर्चा भी तेज हो गई है. माना जा रहा है कि यह 3 अरब डॉलर का एक बहुत बड़ा आईपीओ होगा, जो सितंबर तक बाजार में आ सकता है. एनएसई ने जून में ही बाजार को कंट्रोल करने वाली संस्था ‘सेबी’ के पास इसकी फाइल जमा कर दी है. बस अब वहां से परमिशन मिलने का इंतजार है.
LIC और SBI जैसी कंपनियां बेचेंगी अपने शेयर
इस आईपीओ की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई नए शेयर नहीं बनाए जाएंगे. इसे बाजार की भाषा में ‘ऑफर फॉर सेल’ कहते हैं. इसका मतलब है कि जो बड़ी कंपनियां पहले से एनएसई में पैसा लगाकर बैठी हैं, वो अपने शेयर आम जनता को बेचेंगी. फिलहाल एनएसई में सबसे ज्यादा पैसा जीवन बीमा निगम का लगा है. इस आईपीओ में LIC के अलावा SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और कुछ विदेशी कंपनियां भी अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमाएंगी.



