Weather Alert: भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार, 26 जून को पूरे देश में दक्षिणपश्चिम मानसून के प्रचंड होने की चेतावनी जारी की है. इस बार मानसून का मिजाज बेहद अजीब और डराने वाला है. एक तरफ जहां देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली का कहर टूटने वाला है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाके अब भी भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं.

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी से भरी तेज हवाएं हिमालय की पहाड़ियों से टकराकर ऊपर उठ रही हैं. यह भौगोलिक स्थिति बादलों को एक ‘स्पंज’ की तरह निचोड़ रही है, जिसके कारण पूर्वोत्तर भारत और हिमालय के तराई वाले इलाकों में अचानक बाढ़ और भयंकर भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ गया है. असम और मेघालय में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
दिल्लीपंजाब समेत इन 11 राज्यों में आंधीतूफान का अलर्ट
IMD ने देश के मैदानी और मध्य भागों के लिए भी ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और अंडमाननिकोबार द्वीप समूह में शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ गरजचमक और आंधीतूफान आने की पूरी संभावना है.
मौसम विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि इन इलाकों में बारिश भले ही बहुत ज्यादा न हो, लेकिन आसमानी बिजली गिरने का सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है. हाल के दिनों में बिजली गिरने से हुई मौतों को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें. इसके साथ ही महाराष्ट्र, गोवा, दक्षिण गुजरात और ओडिशा के तटों पर समंदर में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की आशंका है, जिसके चलते मछुआरों को गहरे समंदर में न जाने की कड़ाई से हिदायत दी गई है.
यूपी में अब भी 44 डिग्री का टॉर्चर
भले ही देश का एक बड़ा हिस्सा पानीपानी होने जा रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के लोगों को फिलहाल इस तपती गर्मी से पूरी राहत मिलती नहीं दिख रही है. मानसून का यह क्लासिक और अजीब व्यवहार है कि जिन राज्यों में यह दस्तक दे चुका है, वहां तापमान तेजी से गिरा है, लेकिन जो इलाके अभी भी इसके इंतजार में हैं, वहां सूरज की तपिश बरकरार है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अभी भी ‘हीटवेव’ की गंभीर चेतावनी जारी की गई है. बीते दिनों उत्तर प्रदेश का बांदा इलाका 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड किया गया. IMD का कहना है कि यूपी के इन हिस्सों में अभी दो से तीन दिनों तक ऐसी ही चिलचिलाती गर्मी बनी रह सकती है. हालांकि, राहत की बात यह है कि आने वाले 48 से 72 घंटों के भीतर मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे जल्द ही पूरे उत्तर भारत को इस जानलेवा गर्मी से निजात मिल सकेगी.


