
बेटी के पहले जन्मदिन पर मां को जिस बेटी के जीवन के लिए प्रार्थना करनी थी, उसके लिए ढेरों उपहार की याेजना बना रखी थी। सोमवार को उसी बेटी का शव मिलने की मां लक्ष्मी प्रार्थना करती रही। पति ने उसकी गोद से बेटी को लेकर पुल से यमुना नदी में फेंक दिया था। जन्मदिन पर उस क्षण को याद करके मां लक्ष्मी रोती रही।
पीएसी के गोताखोरों ने चौथे दिन भी अबोध को पुल के दो किमी के क्षेत्र में तलाश किया, लेकिन शव नहीं मिला। मथुरा के थाना बल्देव स्थित बादामगढ़ी निवासी चंद्रवीर उर्फ रिंकू 14 अगस्त को पत्नी लक्ष्मी और 11 माह की बेटी को आगरा घुमाने के बहाने लेकर आया था। सिकंदरा क्षेत्र में अकबरा पुल पर बाइक रोकने के बाद फोटो खिंचाने के बहाने बेटी को गोद में लेकर नदी में फेंक दिया था।
पत्नी लक्ष्मी को भी नदी में फेंकने का प्रयास किया था। पत्नी के शोर मचाने पर राहगीरों ने आरोपित पति की पिटाई कर दी थी। जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुआ था। पति चंद्रवीर पत्नी पर शक करता था। जिसे लेकर विवाद के चलते पत्नी छह महीने मायके में रही थी। वह 20 दिन पहले ही पति के पास आई थी।
लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि बेटी का 17 अगस्त को पहला जन्मदिन था। जिसे धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही थी। एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने बताया कि गोताखोरों की मदद से सोमवार को अबोध का शव बरामद करने का अभियान चलाया गया। अब तक कई किलोमीटर का क्षेत्र पुलिस तलाश कर चुकी है। मंगलवार को भी अभियान चलाया जा रहा है।
एक महीने में तीन बेटियों की हत्या
एक महीने में तीन बेटियो की हत्या कर दी गयी। इससे पहले तीन अगस्त को जैतपुर में पिता ने बेटी के कोर्ट मैरिज करने से नाराज होकर उसका गला घोटकर मार डाला था। इससे पहले 29 जुलाई को पिता ने दिल्ली से अविवाहित गर्भवती बेटी को बासाैनी लाकर चंबल नदी में डुबोकर मार दिया था।



