नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को मंदिर मार्ग स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में दर्शन एवं पूजाअर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान के समक्ष राष्ट्र की प्रगति, दिल्ली के सर्वांगीण विकास तथा समाज में शांति, सद्भाव और समरसता की प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर में विधिविधान से पूजाअर्चना कर संतमहात्माओं एवं गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथप्रदर्शक होते हैं। गुरु ही व्यक्ति के भीतर ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना का संचार करते हैं तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की उन महान परंपराओं का पर्व है, जो हमें अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। हमारे ऋषिमुनियों और गुरु परंपरा ने भारत को ज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर दी है, जिसने विश्व को सदैव प्रेरित किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का दिन हमें अपने जीवन में सत्य, सेवा, अनुशासन, नैतिकता और सदाचार के मूल्यों को अपनाने का भी संदेश देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें। मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिल्लीवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।



