Bulldozer Action On Atiq Ahmed Properties: संगम नगरी का कुख्यात, माफिया अतीक अहमद का ऐसा खौफ था कि उसके घर के सामने से गुजरते वक्त लोग हॉर्न बजाने से भी डरते थे। जिस शख्स पर शहर की जमीनों पर जबरन कब्जे और खुलेआम हिंसा के आरोप लगते रहे, आज उसी अतीक की हवेली खंडहर बन चुकी है।

हालात ऐसे हैं कि रात के अंधेरे में लोग मलबे में दबा लोहा और अन्य सामान निकालकर ले जा रहे हैं। यह तस्वीर सिर्फ एक उजड़ी इमारत की नहीं, बल्कि उस दौर के अंत की भी कहानी बयां कर रही है, जब प्रयागराज में माफिया का नाम ही डर का पर्याय माना जाता था।
लोगों के व्यवहार में दिखता था अतीक के नाम का खौफ
इसी जगह पर कभी माफिया अतीक अहमद का साम्राज्य खड़ा था। एक समय ऐसा था जब प्रयागराज में अतीक के नाम का खौफ लोगों की जुबान पर नहीं, बल्कि उनके व्यवहार में दिखता था। उसके घर के सामने से गुजरने वाले लोग भी एहतियात बरतते थे। आरोप है कि जरा सी बात पर लोगों को पकड़कर पीटा जाता था और विरोध करने वालों को गंभीर अंजाम भुगतना पड़ता था।
जब राजू पाल हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया
बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इस घटना के बाद का नाम देशभर में सुर्खियों में रहा। वक्त बीतता गया, कानून का शिकंजा कसता गया और फिर वह दौर भी आया जब अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या हो गई। इसके बाद उसका कभी अभेद्य माना जाने वाला साम्राज्य देखते ही देखते बिखर गया।
अतीक की आलीशान हवेली ध्वस्त
सरकारी कार्रवाई में अतीक की ध्वस्त कर दी गई। अब वहां सिर्फ मलबा बचा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक रात के समय कुछ लोग इस मलबे में दबे लोहे, सरिए और अन्य सामान निकालकर ले जाते हैं और उन्हें बेच देते हैं। कभी जिस जगह पर बिना इजाजत कदम रखना भी मुश्किल माना जाता था, वहां आज किसी को आनेजाने का डर नहीं है।
नकारात्मक पहचान बन चुका माफिया नेटवर्क अब बना इतिहास
अतीक के बेटे अलगअलग जेलों में बंद हैं, जबकि उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार है। एक समय प्रयागराज की नकारात्मक पहचान बन चुका माफिया नेटवर्क अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है। बची है तो सिर्फ एक उजड़ी हुई हवेली, जो हर गुजरने वाले को यह एहसास कराती है कि वक्त बदलने में देर नहीं लगती और कानून के आगे अपराध का साम्राज्य भी आखिरकार ढह जाता है।


