
क्रिकेट की दुनिया में कुछ खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर खूब नाम और शोहरत हासिल की। मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ उन्हें पैसा और पहचान भी मिली। लेकिन क्रिकेट से दूरी बनने के बाद हर खिलाड़ी की जिंदगी एक जैसी नहीं रही। कुछ क्रिकेटरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो कुछ ने अपना गुजर-बसर करने के लिए अलग-अलग काम तक किए।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का हालिया वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर उनके जीवन और क्रिकेट करियर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांबली को कभी भारतीय क्रिकेट का बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज माना जाता था। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कम समय में शानदार प्रदर्शन किया और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। हालांकि, बाद के वर्षों में उनकी जिंदगी कई मुश्किल दौर से गुजरी।
कांबली अकेले ऐसे क्रिकेटर नहीं हैं, जिनके करियर के बाद हालात काफी बदल गए। क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई नाम हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, लेकिन संन्यास या करियर खत्म होने के बाद उन्हें आर्थिक संघर्ष का सामना करना पड़ा।
1. जनार्दन नवले
जनार्दन नवले भारतीय क्रिकेट इतिहास के शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल थे। वह भारत की पहली टेस्ट टीम का हिस्सा थे और 1932 में लॉर्ड्स के मैदान पर भारत के पहले टेस्ट मैच में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज खेले थे।
उस दौर में क्रिकेटरों को आज की तरह बड़े कॉन्ट्रैक्ट और विज्ञापनों से कमाई नहीं होती थी। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद नवले की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने पुणे की एक शुगर मिल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम किया।
अपने जीवन के अंतिम वर्षों में वह बेहद साधारण परिस्थितियों में रहे। 7 सितंबर 1979 को पुणे में उनका निधन हो गया।
2. बैरी पोलॉक
दक्षिण अफ्रीका के बैरी पोलॉक को अपने दौर के शानदार बल्लेबाजों में गिना जाता था। टेस्ट क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी औसत 60 से ज्यादा रहा और उन्हें महान बल्लेबाजों में शुमार किया गया।
दक्षिण अफ्रीका पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने के कारण उनके क्रिकेट करियर पर भी असर पड़ा। इसके बाद उन्होंने रियल एस्टेट और शेयर बाजार में निवेश किया, लेकिन आर्थिक नुकसान के कारण उनकी वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई।
बाद के वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और इलाज के खर्च ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ाईं। रिपोर्टों में उनके आर्थिक संघर्ष और मदद की जरूरत का जिक्र मिलता है।
3. एडम होलियोक
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर एडम होलियोक ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी अलग पहचान बनाई थी। वह 1990 के दशक में इंग्लैंड की टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रहे।
क्रिकेट छोड़ने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट कारोबार में हाथ आजमाया। लेकिन 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी का उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ा और बाद में उन्हें दिवालिया घोषित किया गया।
आर्थिक मुश्किलों के दौरान उन्होंने अपनी कमाई के लिए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स यानी MMA में भी मुकाबले किए। क्रिकेट के मैदान से फाइटिंग रिंग तक का यह सफर उनके जीवन के मुश्किल दौर को दिखाता है।
4. मैथ्यू सिंक्लेयर
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मैथ्यू सिंक्लेयर ने अपने टेस्ट डेब्यू में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार दोहरा शतक लगाया था। उनके 214 रन की पारी ने उन्हें रातोंरात चर्चा में ला दिया।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर खत्म होने के बाद उन्हें नई जिंदगी शुरू करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। क्रिकेट में कम उम्र से ही करियर बनाने के कारण उनके पास पारंपरिक प्रोफेशनल डिग्री नहीं थी।
रिपोर्टों के अनुसार, आर्थिक स्थिति खराब होने पर उन्होंने न्यूजीलैंड में सरकारी बेरोजगारी सहायता का सहारा लिया। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने सुपरमार्केट और रियल एस्टेट से जुड़े काम भी किए।
5. अरशद खान
पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर अरशद खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 9 टेस्ट और 58 वनडे मैच खेले।
क्रिकेट से दूरी बनने के बाद उन्हें पाकिस्तान में नियमित काम के अवसर नहीं मिले। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया चले गए और सिडनी में टैक्सी चलाकर अपना जीवन चलाने लगे।
जिस खिलाड़ी ने कभी अंतरराष्ट्रीय मैदान पर बड़े बल्लेबाजों को गेंदबाजी की थी, उसके टैक्सी चलाने की खबर ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा था।
6. पैट्रिक पैटरसन
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज पैट्रिक पैटरसन 1980 के दशक में अपनी तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर थे। उनकी गेंदों की रफ्तार को लेकर उस दौर में काफी चर्चा होती थी।
क्रिकेट से संन्यास के बाद उनकी जिंदगी मुश्किल दौर से गुजरी। आर्थिक परेशानियों के साथ उन्हें निजी और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।
रिपोर्टों के मुताबिक, एक समय उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया था। बाद में उनके बारे में जानकारी सामने आने के बाद क्रिकेट जगत से जुड़े लोगों ने उनकी मदद की।
7. क्रिस केर्न्स
न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स अपने दौर के प्रमुख क्रिकेटरों में शामिल रहे। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हजारों रन बनाए और 200 से अधिक विकेट भी हासिल किए।
2013 के बाद मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोपों को लेकर उन्हें लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। हालांकि, बाद में वह इन आरोपों से बरी हो गए।
इस कानूनी प्रक्रिया में हुए भारी खर्च का उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा। बाद के वर्षों में उनकी जिंदगी में कई गंभीर मुश्किलें आईं और उन्हें साधारण नौकरियां तक करनी पड़ीं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ऑकलैंड में कचरे से जुड़े काम और बस शेल्टर की सफाई जैसे काम भी किए।
8. विनोद कांबली
विनोद कांबली का नाम भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में लिया जाता है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ स्कूल क्रिकेट में रिकॉर्ड साझेदारी की थी और टेस्ट क्रिकेट में भी शानदार शुरुआत की।
कांबली ने टेस्ट क्रिकेट में लगातार दो दोहरे शतक लगाए थे और बेहद कम पारियों में 1000 रन पूरे किए थे। उनकी बल्लेबाजी प्रतिभा को देखते हुए उनसे भारतीय क्रिकेट में लंबे करियर की उम्मीद की गई थी।
हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं चला। क्रिकेट से दूरी के बाद उनकी निजी जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी चर्चा में आती रहीं।
हाल ही में केयर सेंटर से उनका वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रशंसकों के बीच चिंता देखने को मिली। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इन क्रिकेटरों की कहानियां यह दिखाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिली शोहरत हमेशा जीवनभर आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं होती। करियर खत्म होने के बाद सही वित्तीय योजना, स्वास्थ्य और बदलते हालात से निपटने की क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।



