Satya Report: आईटी मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित ऑनलाइन गेमिंग नियमों को अधिसूचित किया है. ये नियम विनियमन अधिनियम और ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन को संचालित करने के लिए प्रक्रियात्मक ढांचा मुहैया कराते हैं, साथ ही इनके आधार पर ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन किया जा सकेगा.

एस कृष्णन (आईटी सचिव) ने बताया कि ज्यादातर ऑनलाइन गेम अगर रियल मनी गेम नहीं हैं यानी जिनमें पैसों का लेनदेन शामिल नहीं है, उन्हें अनिवार्य रूप से पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी. निगरानी केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही शुरू की जाएगी. हालांकि, ‘ईस्पोर्ट्स’ के लिए अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा, हम चाहते थे कि जहां तक संभव हो, इस पूरी प्रक्रिया को कम से कम नियामक हस्तक्षेप वाला रखा जाए. अधिकांश खेल, जो पैसों वाले खेल नहीं हैं, वह बिना किसी अनिवार्य पंजीकरण के संचालित हो सकेंगे, इसलिए पूरी प्रक्रिया वैकल्पिक है.
एस कृष्णन ने कहा, हम किसी को भी यह निर्धारित करने के लिए आवेदन करने के लिए बाध्य नहीं कर रहे हैं कि वह ऑनलाइन मनी गेम है या ऑनलाइन सोशल गेम है या ईस्पोर्ट्स है. हालांकि, इस तरह का निर्धारण तीन स्थितियों में शुरू होगा. पहली स्थिति यह है, जहां प्राधिकरण खुद संज्ञान लेकर ऐसा करता है. दूसरी स्थिति वह जहां ईस्पोर्ट्स गेम शामिल होते हैं. एस कृष्णन ने कहा, तीसरी स्थिति के तहत केंद्र सरकार सोशल गेम्स की किसी भी विशिष्ट श्रेणी को अधिसूचित कर सकती है, जिसे फिलहाल हमने विशेष रूप से अधिसूचित नहीं किया है. .
उन्होंने बताया कि नियमों में यूजर्स सुरक्षा सुविधाओं को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. यह अधिनियम भारत में ईस्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देते हुए ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाता है. मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में इन नियमों पर सुझाव आमंत्रित किए थे.
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