Satya Report: Kumbh Par Sadhesati Ka Asar: कुंभ राशि पर साल 2020 में साढ़ेसाती शुरू हुई थी वहीं 2027 में कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। अगले साल जून के महीने में कुंभ की साढ़ेसाती हट जाएगी। ऐसे में आने वाले 1 साल का समय कुंभ राशि के जातकों के लिए कैसा रहेगा और इनको कैसे परिणाम जीवन में साढ़ेसाती के आखिरी चरण में मिल सकते हैं, आइए जानते हैं।

कुंभ पर साढ़ेसाती के आखिरी चरण का प्रभाव
कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि देव ही हैं, इसलिए साढ़ेसाती का अंतिम एक साल कुंभ वालों के लिए काफी अहम रह सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, उतरती हुई साढ़ेसाती व्यक्ति को कुछ न कुछ बड़ा देकर जाती है इसलिए कुंभ वालों को भी साढ़ेसाती के अंतिम दौर में बड़ा लाभ मिल सकता है। उतरती हुई साढ़ेसाती का असर पैरों पर होता है, इसका अर्थ है कि साढ़ेसाती के आखिरी चरण में कुंभ राशि के जातकों को भागदौड़ तो करनी पड़ सकती है लेकिन आर्थिक लाभ भी इन्हें अवश्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही बीते समय में जो मेहनत कुंभ वालों ने की है उसका भी अच्छा फल इनको मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन या अटकी हुई कोई डील भी इस दौरान पूरी हो सकती है। साढ़ेसाती के आखिरी 6 महीनों में कुंभ वालों के मानसम्मान में वृद्धि देखने को मिलेगी और इनकी वजह से परिवार के लोगों को खुशियां मिल सकती हैं। हालांकि स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ दिक्कतें भी शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती के दौरान उत्पन्न हो सकती हैं। खासकर पैरों और जोड़ों में दर्द की समस्या। इस दौरान कुंभ वाले जितना अनुशासित रहेंगे उतने ही अच्छे परिणाम इनको मिलेंगे। आलस्य से दूरी बनाएंगे तो मानसिक शांति और सेहत में सुधार देखने को मिलेगा।
शनि की साढ़ेसाती में ये उपाय दिलाएंगे जबरदस्त लाभ
- शनि की साढ़ेसाती के अंतिम चरण में हनुमान चालीसा का पाठ करने से आपको शुभ फल मिलते हैं।
- शनि मंत्रों का जप और शनि स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
- साढ़ेसाती के दौरान काले तिल, जूतेचप्पल, सरसों के तेल का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
- साढ़ेसाती के दौरान पीपल के पेड़ की पूजा करने से भी शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है।



