एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जंतरमंतर पर धरना दे रहे हैं. आज 19वां दिन है, जब वो भूख हड़ताल पर हैं. गुरुवार को AAP से अरविंद केजरीवाल,सांसद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज यहां पहुचें. इसके साथ ही सपा सांसद डिंपल भी पहुंचीं. डिंपल ने कहा, मुझे यकीन है और मैं युवाओं से अपील करना चाहती हूं कि आप सभी 20 जुलाई को जंतरमंतर से संसद तक होने वाले मार्च में शामिल हों. यह आपके अधिकार और सम्मान की लड़ाई है. सपा सांसद ने कहा कि सोनम वांगचुक ने कहा है कि वो 20 तारीख को अपनी भूख हड़ताल खत्म करेंगे.

डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पेपर लीक और सोनम वांगचुक के मुद्दे को संसद में उठाएगी. समाजवादी पार्टी हमेशा छात्रों के साथ है. इस दौरान उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी की अवैध बिल्डिंग को ध्वस्त करने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. जंतरमंतर से उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार कहीं भी बुलडोजर चला सकती है लेकिन राम मंदिर में चंदा चोरी करने वालों पर वो बुलडोजर थम जाता है.
केजरीवाल ने क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने कहा, मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं जो अपने लिए नहीं युवाओं के लिए पिछले 19 दिन से अनशन कर रहे हैं. हमारे देश में ऐसे बहुत से टीचर्स हैं, जब उन्होंने अपनेअपने स्टेट से आवाज उठाई तो उनको गिरफ्तार किया गया. उनकी आवाज़ को दबाया गया. मैं उनको भी सलाम करता हूं. सोनम वांगचुक ने लद्दाख के लोगों के लिए भी कई बार अनशन किया. मैं उनको भी सलाम करता हूं.
उन्होंने कहा, कंपटेटिव एग्जाम छात्रों के लिए भविष्य का सपना होता है. मैंने भी IIT किया. मेरे और बच्चों के टाइम पर भी पेपर लीक नहीं होते थे.ये हर साल का सिस्टम बन गया है. हर साल पेपर लीक होता है. कमेटी बनती है. जांच होती है लेकिन होता कुछ नहीं है. फिर से पेपर लीक की तैयारी होती है.पेपर लीक के बाद 30 बच्चों ने सुसाइड किया. वो हमारे घरों के बच्चे थे. युवा कब तक बर्दास्त करे, ये सिस्टम बदलना पड़ेगा.
बीजेपी को शिक्षा में भी सांप्रदायिकता दिखती है
इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, भारतीय जनता पार्टी को शिक्षा में भी सांप्रदायिकता दिखती है. शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलने वाली नौकरी इस पार्टी के एजेंडे में है ही नहीं. ये पार्टी अपने अनरजिस्टर्ड संगीसाथियों के अवैधानिक भवनों को कब ढहाएगी? जब संगीसाथी ही अपंजीकृत हैं तो उनके भवन, कार्यालय और संस्थान कैसे जायज होंगे?
सोनम वांगचुक से अखिलेश की क्या बात हुई थी?
बता दें कि डिंपल यादव के जंतरमंतर पर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मिलने से पहले अखिलेश यादव ने बीते दिनों एक्टिविस्ट से बात की थी. इसे लेकर उन्होंने एक पोस्ट किया था, जिसमें कहा था कि सोनम वांगचुक से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना. उनसे अनशन तोड़ने की अपील की. उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है.
‘जनहित में इस आग्रह पर विचार करें’
अखिलेश ने कहा, हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें. देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की आकांक्षा भी यही है क्योंकि उनके नैतिक बल की देश को बहुत जरूरत है. इसलिए वो पूरी दुनिया से आ रहे निवेदनों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन तोड़े दें. फिर कुछ दिनों का स्वास्थ्य लाभ लें. नई ऊर्जा का संचय करके फिर नए आंदोलन में जुट जाएं.
राकेश टिकैत ने भी की सोनम से मुलाकात
डिंपल के अलावा गुरुवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने भी सोनम से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि आपके आंदोलन को हमारा पूरा समर्थन है. वे लोग आपको बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आप डटे रहना. 20 तारीख के लिए भी हमारा समर्थन है. ट्रैक्टर ट्रॉली यहां नहीं हैं लेकिन तैयार खड़े हैं. तानाशाही का अंत होगा. तानाशाह सरकार को बात करनी चाहिए.



