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मालिक ने नहीं दिए वेतन: के 10 हजार, फूंक दिया ₹24 करोड़ का सामान, ₹150 के पेट्रोल से लगा दी मार्केट में आग; पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

मालिक ने नहीं दिए वेतन: के 10 हजार, फूंक दिया ₹24 करोड़ का सामान, ₹150 के पेट्रोल से लगा दी मार्केट में आग; पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

गुजरात के सूरत से आगजनी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग को पुलिस ने हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई आगजनी बताया है। जांच में सामने आया कि मार्केट में पहले अकाउंटेंट के तौर पर काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी ने कथित तौर पर ₹10 हजार के बकाया वेतन के विवाद में आग लगाई। इस आग में करीब ₹24 करोड़ का कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। मामले में क्राइम ब्रांच ने 33 वर्षीय पूर्व कर्मचारी विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार किया है।

श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी थी आग

घटना सूरत के सारोली इलाके स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की है। 8 और 9 सितंबर की दरम्यानी रात मार्केट में अचानक भीषण आग लग गई थी। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों से आगजनी की आशंका हुई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस के मुताबिक आग में कई दुकानें और उनमें रखा कपड़ा प्रभावित हुआ। अलग-अलग रिपोर्टों में प्रभावित दुकानों की संख्या 14 से 17 तक बताई गई है, जबकि नुकसान का अनुमान करीब ₹24 करोड़ लगाया गया है।

पूर्व अकाउंटेंट पर आया शक

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विनोद पंडित सावले पहले इसी मार्केट की एक दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था। उसने अप्रैल 2026 में नौकरी शुरू की थी और कुछ समय बाद नौकरी छोड़ दी थी। पुलिस के अनुसार, नौकरी छोड़ने के बाद उसका करीब ₹10 हजार का वेतन बकाया था।

पुलिस का कहना है कि इसी रकम को लेकर उसका पूर्व नियोक्ता से विवाद चल रहा था। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह बार-बार बकाया रकम मांग रहा था और खुद को अपमानित महसूस कर रहा था। इसके बाद उसने मालिक को सबक सिखाने के इरादे से आग लगाने की योजना बनाई।

₹150 का पेट्रोल लेकर पहुंचा था मार्केट

पुलिस जांच के मुताबिक विनोद ने घटना से पहले करीब ₹150 का पेट्रोल खरीदा था। इसके बाद वह रात में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में उसके मार्केट में आने और बाद में आग लगाने की गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार वह मार्केट में कुछ समय तक रुका रहा। जब आसपास की गतिविधियां कम हो गईं, तब उसने कपड़ों के बॉक्स और पार्सल के पास आग लगा दी। इसके बाद वह मौके से निकल गया। आग ने देखते ही देखते आसपास रखे कपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया और बड़े हिस्से में फैल गई।

आग लगाकर हो गया था फरार

घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल बंद कर दिया और सूरत से बाहर चला गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य जांच के आधार पर उसकी पहचान की। रिपोर्टों के मुताबिक वह राजस्थान और अयोध्या की ओर भी गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आगजनी के पीछे की पूरी परिस्थितियों और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।

14 घंटे की मशक्कत के बाद बुझी थी आग

आग इतनी भीषण थी कि इसे नियंत्रित करने में दमकल कर्मियों को करीब 14 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। मार्केट की ऊपरी मंजिलों पर रखे कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैल गई थी। घटना में करोड़ों रुपये का माल नष्ट हो गया।

पुलिस की जांच में अब यह मामला एक सामान्य बाजार अग्निकांड के बजाय कथित तौर पर बकाया वेतन के विवाद से जुड़ी आगजनी के रूप में सामने आया है। हालांकि ₹10 हजार के वेतन विवाद और आरोपी के कथित मकसद से जुड़ी बातें पुलिस की जांच और पूछताछ पर आधारित हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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