वृंदावन : उत्तर प्रदेश में कान्हा की नगरी वृंदावन से शुक्रवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। यहां रुकमणि विहार के पास बन रहे ओमैक्स मॉल की कंस्ट्रक्शन साइट पर अचानक मौत ने दस्तक दी। विशालकाय शटरिंग टूटकर गिरने से साइट पर काम कर रहे तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस खौफनाक मंजर के बाद मौके पर चीखपुकार मच गई और भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारियों को राहत कार्य के लिए दौड़ना पड़ा।

सुबह 7 बजे अचानक भरभराकर गिरा ढांचा, मची अफरातफरी
जानकारी के अनुसार, ओमैक्स द्वारा बनाए जा रहे इस मॉल में पिछले तीन साल से निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे मजदूर अपने रोजमर्रा के शटरिंग के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने या भागने का कोई मौका ही नहीं मिला। भारी मलबे के नीचे चार मजदूर बुरी तरह दब गए। साइट पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने आननफानन में बचाव कार्य शुरू किया और उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक एक मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। बाकी घायलों को तुरंत सौ शैय्या अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो और मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर तीन मौतों की पुष्टि की है।
चंद कदम की दूरी ने बचाई जान, दो दिन पहले ही काम पर आया था मृतक
रोजाना इस साइट पर करीब 50 मजदूर काम करते हैं, लेकिन हादसे के वक्त वहां केवल पांच लोग ही मौजूद थे। किस्मत का खेल देखिए कि इनमें से एक मजदूर कुछ देर के लिए काम छोड़कर चंद कदम दूर चला गया था, जिसके चलते उसकी जान बालबाल बच गई। वहीं, मौत का शिकार हुए नेपाल निवासी 42 वर्षीय शिवराम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी रिश्तेदार मनीषा ने रुंधे गले से बताया कि शिवराम महज दो दिन पहले, 7 अगस्त को ही काम पर लगे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह साइट उनकी मौत का कारण बन जाएगी।
पश्चिम बंगाल और नेपाल के रहने वाले थे मृतक, एक आगरा रेफर
इस भयानक हादसे में जान गंवाने वाले बाकी दो मजदूर पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के रहने वाले थे। इनमें 28 वर्षीय रफ्यूल और 30 वर्षीय आलम शामिल हैं। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल पश्चिम बंगाल के ही 45 वर्षीय दिलदार सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है। सिर में गहरी चोट लगने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल को सील कर दिया है और इस बड़ी लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है।



