
रोहतक: हरियाणा के रोहतक में चार साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न के मामले में जांच के दौरान गंभीर आरोप सामने आए हैं। शुरुआती शिकायत में बच्ची के साथ स्कूल के शौचालय में एक किशोर द्वारा गलत हरकत किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन करीब एक महीने की जांच के बाद पुलिस का शक बच्ची के करीबी लोगों पर गया। रिपोर्टों के अनुसार, काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने अपने पिता पर तीन बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
स्कूल में हुई घटना की शिकायत से शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, एक महिला ने 16 सितंबर को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी चार साल की बेटी के साथ स्कूल के शौचालय में पढ़ने वाले 10 से 12 वर्ष के एक किशोर ने गलत हरकत की है। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने स्कूल सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की, लेकिन करीब एक महीने तक कथित आरोपी की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद जांच की दिशा बदली और बच्ची के करीबी लोगों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू की गई।
काउंसलिंग में पिता पर लगाए गए आरोप
रिपोर्टों के अनुसार, बच्ची की काउंसलिंग के दौरान उसने अपने पिता का नाम लिया और आरोप लगाया कि उसके साथ तीन बार यौन उत्पीड़न हुआ। बताया गया है कि कथित घटनाओं के समय उसकी मां घर पर मौजूद नहीं थी।
जांच टीम अब बच्ची के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि करने में जुटी है। मामले में मां की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शुरुआती शिकायत किन परिस्थितियों में दर्ज कराई गई थी और क्या किसी तथ्य को छिपाने की कोशिश हुई थी।
माता-पिता गिरफ्तार, पांच दिन की रिमांड पर पूछताछ
पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को गिरफ्तार कर अदालत से पांच दिन का रिमांड लिया है। डीएसपी तनुज शर्मा के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच टीम उन्हें कथित घटनास्थल पर ले जाकर परिस्थितियों की पड़ताल करने के साथ ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाएगी।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
बच्ची की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच अहम
इतनी कम उम्र की बच्ची से जुड़े इस संवेदनशील मामले में उसके बयान, चिकित्सकीय निष्कर्ष और अन्य साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है। फिलहाल, पुलिस आरोपों की पुष्टि करने और सभी संबंधित परिस्थितियों को समझने में जुटी है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और पुलिस से संबंधित बयानों के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होंगे। बच्ची की पहचान और निजता की रक्षा करना आवश्यक है।



