शेयर बाजार में कभीकभी ऐसी हलचल होती है, जो निवेशक को हैरान कर देती है. पीसी ज्वेलर के शेयरों में सोमवार, 6 जुलाई को ठीक ऐसा ही नजारा देखने को मिला. कंपनी जल्द ही पूरी तरह से कर्ज मुक्त होने वाली है, जो किसी भी कारोबार के लिए बहुत सकारात्मक खबर मानी जाती है. लेकिन इसके बावजूद, सोमवार को पीसी ज्वेलर का शेयर बीएसई पर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. इंट्राडे कारोबार में इसमें 9 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई. शेयर टूटकर 9.37 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 7,900 करोड़ रुपये रह गया है.

शेयर में इस वजह से आई गिरावट
पिछले हफ्ते शुक्रवार, 3 जुलाई को इस शेयर में काफी रौनक थी. इंट्राडे में यह शेयर 10 प्रतिशत तक उछला था तथा कारोबार के अंत में 4.4 फीसदी की शानदार तेजी के साथ बंद हुआ. लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही हालात पूरी तरह बदल गए. बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अचानक आई गिरावट के पीछे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का एक नोटिस है. दरअसल, शेयरों में एकाएक बढ़े वॉल्यूम को देखते हुए एक्सचेंज ने कंपनी प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांग लिया था. जैसे ही यह खबर बाजार में फैली, खुदरा निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया, जिसके कारण ताबड़तोड़ मुनाफावसूली शुरू हो गई.
नोटिस पर पीसी ज्वेलर का जवाब
बाजार के नियम बेहद सख्त होते हैं. बीएसई के नोटिस का जवाब देते हुए पीसी ज्वेलर ने साफ किया है कि कंपनी सेबी के नियमों का पूरी तरह से पालन कर रही है. प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने समयसमय पर हर उस जरूरी जानकारी का खुलासा किया है, जिसका असर कंपनी के कामकाज या शेयरों की कीमत पर पड़ सकता है. कंपनी के मुताबिक, शेयर के भाव या वॉल्यूम में होने वाला कोई भी उतारचढ़ाव पूरी तरह से बाजार के रुख तथा निवेशकों की धारणा पर निर्भर करता है. प्रबंधन ने मजबूती से कहा है कि फिलहाल उनके पास ऐसी कोई भी गुप्त या संवेदनशील जानकारी नहीं है, जिसे बाजार से छिपाया गया हो.
कंपनी की वित्तीय स्थिति भी जान लें
गिरावट के इस माहौल के बीच निवेशकों को कंपनी के बुनियादी आंकड़ों पर भी गौर करना चाहिए. 2 जुलाई को पीसी ज्वेलर ने अपने अप्रैलजून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था. इस तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत का शानदार इजाफा हुआ है. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत बैंकों का लगभग 24 प्रतिशत बकाया कर्ज भी चुका दिया है. प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि चालू तिमाही के अंत तक कंपनी पूरी तरह से कर्जमुक्त हो जाएगी.
शेयर का हाल भी जान लें
अगर लंबी अवधि का चार्ट देखें, तो बीते एक साल में इस शेयर ने अपने निवेशकों को काफी निराश किया है. एक साल के भीतर ही शेयर की कीमत में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. जो निवेशक ऊपरी स्तरों पर फंसे हैं, उनके लिए यह समय संयम बरतने का है. कर्ज कम होने की खबर कंपनी के भविष्य के लिए एक ठोस नींव तैयार कर रही है, लेकिन अल्पावधि में बाजार के उतारचढ़ाव निवेशकों के धैर्य की परीक्षा लेते रहेंगे.



