
डिजिटल डेस्क लखनऊः मध्य प्रदेश के भिंड जिले में नेशनल हाईवे719 पर सोमवारमंगलवार की दरमियानी रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गोहद के छीमका गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। पिकअप में ग्वालियर क्षेत्र से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी लौट रहे मजदूर सवार थे।
हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
सड़क पर बैठी गायों को बचाने में हुआ हादसा
हादसा रात करीब एक बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं।
बताया जा रहा है कि अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में पिकअप चालक ने वाहन मोड़ा। इसी दौरान सामने से आ रहे डंपर से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मची चीखपुकार
टक्कर के बाद मौके पर चीखपुकार मच गई। सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त पिकअप में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, हादसे में आठ मजदूरों की मौत हुई है और 25 लोग घायल हैं। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है।
मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस मृतकों और घायलों की पहचान करने के साथ ही दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
धान की रोपाई पूरी कर घर लौट रहे थे मजदूर
बताया गया है कि मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के काम के लिए आए थे। काम पूरा होने के बाद वे पिकअप से अपने गृह क्षेत्र लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश लौट रहे थे।
रात के सफर के दौरान छीमका गांव के पास उनकी पिकअप दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे के बाद कुछ समय तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया।
हादसे की शुरुआती वजह मवेशियों को बचाना
पुलिस की शुरुआती जांच में सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने की कोशिश को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों के आ जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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एनएच719 को लेकर उठे सवाल, फोरलेन की मांग अब भी अधूरी
इस भीषण हादसे के बाद एनएच719 की मौजूदा स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भिंड से ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने वाला करीब 117 किलोमीटर लंबा हाईवे अभी टूलेन है।
स्थानीय स्तर पर इसे फोरलेन बनाने की मांग को लेकर दंदरौआ धाम के संत समाज से लेकर युवाओं तक कई बार आंदोलन, चक्काजाम और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI की बैठकों में फोरलेन को मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के दावे किए गए, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है।
बिना डिवाइडर वाली इस सड़क पर भारी डंपरों और बालूरेत से लदे वाहनों का दबाव भी रहता है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में एक बार फिर हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और फोरलेन निर्माण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
CM योगी ने जताया दुख, मृतकों के परिवारों को 22 लाख की सहायता
हादसे में उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भिंड की दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है और उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर मृत उत्तर प्रदेश के नागरिकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद पहुंचाने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
साथ ही, दुर्घटना में जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को 22 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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