
Pithori Amavasya 2026 (कब है पिठोरी अमावस्या 2026): हिंदू धर्म में हर मास में पड़ने वाली अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। ऐसे ही भाद्रपद मास में पड़ने वाली अमावस्या को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के साथ दान करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते सकते हैं। इस साल भादो अमावस्या तिथि दो दिन होने के कारण असमंसज की स्थिति बनी हुआ है कि किस दिन पिठोरी अमावस्या का व्रत रखें। इसे पिठोरी अमावस्या, भादो अमावस्या के अलावा कुशाग्रहणी और कुशोत्पाटिनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि इस साल पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर को मनाई जा रही है। जानिए पिठोरी अमावस्या की तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व…
पिठोरी अमावस्या 2026 की तिथि और मुहूर्त (Pithori Amavasya 2026 Muhurat)
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 10 सितंबर को सुबह 10:33 बजे से आरंभ हो रही है, जो 11 सितंबर को सुबह 8:56 बजे को समाप्त होगी। ऐसे में पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी।
पिठोरी अमावस्या पर पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त-
सुबह 06.07 बजे से लेकर सुबह 09.18 बजे तक
पितरों के तर्पण और पिंडदान का समय-
10 सितंबर दोपहर 11.45 बजे से लेकर दोपहर 01.30 बजे तक
पिठोरी व्रत प्रदोष मुहूर्त – 06:32 पी एम से 08:51 पी एम
पिठोरी अमावस्या 2026 महत्व (Pithori Amavasya 2026 Significance)
हिंदू धर्म में पिठोरी अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत, तप और जप करने से संतान को सुख-समृद्धि, लंबी आयु के साथ परिवार में खुशहाली बनी रहती हैं। अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के साथ भगवान शिव और पार्वती जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन आटे से64 योगिनियों/देवी-स्वरूपों की मूर्ति बनाकर पूजा करने का विधान है। इसी के कारण इसे पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। इसके अलावा इस दिन पितरों का तर्पण,स्मरण करने के साथ-साथ दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
पिठोरी अमावस्या पर 64 देवियों की पूजा
पिठोरी अमावस्या की एक विशेष लोक-परंपरा प्रचलित है। इस दिन 64 योगिनियों/देवी-स्वरूपों का पूजन किया जाता है। इसका मुख्य भाव संतान की रक्षा, संतान-सुख, परिवार की समृद्धि और मातृशक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करना है। इस दिन आटे से इन्हें देवी स्वरूपों को बनाया जाता है और विधिवत पूजा की जाती है।
पिठोरी अमावस्या 2026 मंत्र
सामान्य पितृ मंत्र:
इस मंत्र का पिठोरी अमावस्या के दिन 108 बार जाप करें- ॐ पितृ देवतायै नमः
पितृ गायत्री मंत्र
: ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।
तर्पण एवं स्वधा मंत्र:
ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः स्वाहा या ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः।
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