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​18 साल तक 17 राज्यों में फरारी, वाई-फाई टेक्नीशियन बनकर ‘डीन’ बने फर्जी वादी तक पहुंची पुलिस|

राजस्थान में विद्यार्थियों को बीएड और अन्य उच्च शैक्षणिक डिग्रियां दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के आरोपी कल्याण सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 18 वर्षों से फरार था। इस दौरान उसने देश के 17 राज्यों में अपने ठिकाने बदले। आखिरकार जयपुर रेंज साइबर सेल और सीकर कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे देहरादून से पकड़ा गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए एयरटेल फाइबर टेक्नीशियन का भेष अपनाया।

​18 साल तक 17 राज्यों में फरारी, वाई-फाई टेक्नीशियन बनकर ‘डीन’ बने फर्जी वादी तक पहुंची पुलिस|

23 धोखाधड़ी के मामलों में था वांछित

जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान जालोर निवासी कल्याण सिंह पुत्र बोरटा के रूप में हुई है। वह सीकर जिले के कोतवाली थाने में दर्ज धोखाधड़ी के 23 मामलों में वांछित था। अदालत उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर चुकी थी। उसकी गिरफ्तारी पर 35,000 रुपये का इनाम भी घोषित था।

आरोप है कि कल्याण सिंह विद्यार्थियों को बीएड और अन्य उच्च शैक्षणिक डिग्रियां दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूलता था। उसके खिलाफ सीकर में मामले दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। इसके बाद उसने लंबे समय तक अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचने की कोशिश की।

17 राज्यों में बदलता रहा ठिकाने

पुलिस के मुताबिक, फरारी के 18 वर्षों के दौरान कल्याण सिंह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह अलीगढ़, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, दिल्ली और दक्षिण भारत के विभिन्न इलाकों में रहा। इस दौरान उसने दक्षिण भारत के बड़े कॉरपोरेट कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाकर अपना खर्च चलाया।

आरोपी किसी एक स्थान पर लंबे समय तक नहीं रुका। उसने अलगअलग राज्यों में रहकर अपनी पहचान छिपाए रखी। आखिरकार वर्ष 2016 में उसने देहरादून के प्रेमनगर इलाके में एक मकान खरीदा। वहां वह कथित तौर पर अपनी पहचान बदलकर रहने लगा।

 मकान के बाहर लगी थी ‘DEAN’ की नेमप्लेट

तकनीकी जानकारी और सर्विलांस के आधार पर पुलिस की संयुक्त टीम देहरादून के प्रेमनगर स्थित राघव विहार पहुंची। यहां मकान नंबर C107 के बाहर लगी नेमप्लेट पर ‘DEAN’ लिखा हुआ था। पुलिस को आरोपी के इस ठिकाने के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसे पकड़ने की योजना बनाई गई।

पुलिस ने सीधे छापेमारी करने के बजाय अलग तरीका अपनाया। आसपास के मकानों में एयरटेल फाइबर कनेक्शन होने की जानकारी के आधार पर पुलिसकर्मियों ने फाइबर टेक्नीशियन का भेष धारण किया। वे अपने साथ टूलकिट लेकर पहुंचे और केबल की जांच करने के बहाने मकान के अंदर दाखिल हुए।

टेक्नीशियन बनकर घर में दाखिल हुई पुलिस

पुलिसकर्मियों ने तकनीशियन बनकर घर में प्रवेश किया। जब उन्हें पुष्टि हो गई कि कल्याण सिंह मकान के अंदर मौजूद है, तो उन्होंने उसे पकड़ लिया। इस तरह 18 साल से फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

कल्याण सिंह पर विद्यार्थियों को शैक्षणिक डिग्रियां दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप हैं। वह 23 मामलों में वांछित था और उस पर 35,000 रुपये का इनाम घोषित था। जयपुर रेंज साइबर सेल और सीकर कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से उसकी तलाश पूरी हुई। अब इस गिरफ्तारी के साथ लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को कानून के सामने लाया गया है।

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