Pratapgarh House Collapse: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महुली गांव में गुरुवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। करीब 100 साल पुराना मकान अचानक गिर गया। हादसे के समय परिवार के सभी लोग घर के एक ही कमरे में सो रहे थे।

मकान गिरते ही तेज आवाज हुई और आसपास के लोग बाहर निकल आए। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीम मौके पर पहुंच गई। गांव वालों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।इस घटना से पूरे गांव में शोक फैल गया।
एक ही परिवार के छह लोगों की मौत
राहत टीम ने कई घंटे तक मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, रीता श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, माधव और मासूम अद्विक की मौत हो गई। परिवार का 28 वर्षीय अमन श्रीवास्तव सुरक्षित बच गया। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से गांव में मातम का माहौल है। हर कोई इस हादसे से दुखी है।
सीएम योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश
प्रतापगढ़ मकान हादसा की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा। साथ ही घायलों का अच्छा इलाज कराने और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने के निर्देश भी दिए। जिला प्रशासन लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
पुराने मकानों को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद गांवों में पुराने और कमजोर मकानों को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि कई परिवार आज भी जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। समय रहते ऐसे मकानों की जांच और मरम्मत नहीं होने से हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का मानना है कि अगर पहले से ऐसे मकानों की पहचान कर कार्रवाई होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही हादसे की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि मकान गिरने की वजह सिर्फ उसकी पुरानी हालत थी या लगातार हो रही बारिश भी इसकी वजह बनी। फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है। यह हादसा एक बार फिर बता रहा है कि पुराने और जर्जर मकानों की समय पर जांच और मरम्मत कितनी जरूरी है।



