Prayagraj Floods: प्रयागराज में लगातार तीसरे दिन बारिश से शहर बेहाल है. करेली में करीब चार फीट तक पानी भरने से कई घरों में लोग फंस गए. NDRF ने नाव से लोगों को बाहर निकाला. सीएमपी डिग्री कॉलेज और रामबाग रेलवे स्टेशन भी जलमग्न हो गए. जलभराव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा है.

प्रयागराज में पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश का असर तीसरे दिन भी दिखाई दिया. लगातार बारिश से शहर का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा जलभराव की चपेट में आ गया. सबसे खराब स्थिति करेली के जसीर की पुलिया के पास स्थित मोहल्ले में रही. यहां करीब चार फीट तक पानी भर गया. कई मकानों के ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा पानी में डूब गया, जबकि कार और बाइक भी जलमग्न हो गईं.
एक मस्जिद की दीवार में भी दरार आने की सूचना है. जलभराव के कारण कई घरों में लोग फंस गए. सूचना मिलने पर एसीपी अतरसुइया राम सिंह और NDRF की टीम मौके पर पहुंची. NDRF ने नाव की मदद से घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
रातभर बाल्टी से पानी निकालते रहे लोग
16 अगस्त की देर रात करीब 1:30 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो करीब 3:30 बजे तक जारी रही. इसके बाद बारिश की रफ्तार कुछ कम हुई, लेकिन 17 अगस्त को भी जमकर बारिश हुई. तीसरे दिन भी रुकरुककर बारिश होती रही. शहर के कई निचले इलाकों में नाले, नालियां और सीवर उफन गए.
राजरूपपुर, हरवारा, भारद्वाजपुरम, पूरापड़ाइन, लूकरगंज, हिम्मतगंज, बेनीगंज, आजाद नगर, रामबाग, मुट्ठीगंज, दारागंज, सलोरी, छोटा बघाड़ा, रसूलाबाद और गौसनगर समेत कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया. लोग रातभर बाल्टी से पानी निकालते रहे. कई घरों में फर्नीचर और अन्य सामान भी खराब हो गया.
चौराहों से लेकर थानों तक पानी
बारिश के कारण टैगोर टाउन, जार्जटाउन, हाशिमपुर रोड, सुलाकी चौराहा, लीडर रोड, मेडिकल चौराहा, निरंजन डाट पुल, रामबाग और सोहबतियाबाग समेत कई प्रमुख जगहों पर पानी भर गया. हालात इतने खराब रहे कि कई जगह पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. सिविल लाइंस, महिला थाना, जार्जटाउन, कैंट, कोतवाली और करेली थाने में भी बारिश का पानी पहुंच गया. नगर निगम मुख्यालय परिसर में भी जलभराव हो गया. यहां तक कि नगर आयुक्त के आवास का परिसर भी पानी से लबालब नजर आया.
सीएमपी कॉलेज में घुसा पानी, पढ़ाई प्रभावित
मूसलाधार बारिश के बाद सीएमपी डिग्री कॉलेज पूरी तरह जलमग्न हो गया. कॉलेज परिसर के साथ कई कक्षाओं और प्राचार्य कार्यालय में भी पानी घुस गया. जरूरी दस्तावेजों को किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. कॉलेज प्रशासन ने जलभराव की वजह परिसर के पास चल रहे नाला निर्माण को बताया है. आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से नाले का निर्माण चल रहा है. कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, निर्माण से पहले बारिश का पानी आसानी से निकल जाता था, लेकिन अब जलनिकासी प्रभावित हो गई है. इससे पढ़ाई भी बाधित हुई.
15 करोड़ के नाला सफाई बजट पर सवाल
प्रयागराज में नाला सफाई के लिए 15 करोड़ रुपए से अधिक का बजट निर्धारित होने के बावजूद भारी बारिश में शहर के हालात बिगड़ने पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर जलनिकासी की तैयारियां पूरी थीं तो इतने बड़े स्तर पर जलभराव क्यों हुआ. अब नगर निगम की मानसून तैयारियों और नाला सफाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
जलभराव पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
प्रयागराज में भीषण जलभराव का मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया है. कोर्ट ने शहर में हुए जलभराव पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका कायम की है. जस्टिस अजित कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीरता से लिया.
कोर्ट ने प्रयागराज के डीएम और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि निचले इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पहले से उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए. सचिव, नगर विकास एवं नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार को भी हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया गया है कि जलभराव रोकने के लिए कौनकौन सी योजनाएं स्वीकृत की गई हैं.
गंगा रिवर फ्रंट पर गहरे पानी में समाई कार
बारिश के साथ गंगा और यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है. दारागंज इलाके में गंगा रिवर फ्रंट बाढ़ के पानी में डूब गया है. इसी दौरान फाफामऊ से संगम की ओर जा रही एक कार अचानक गहरे पानी में पहुंच गई. बताया गया कि कार में सात लोग सवार थे. पानी में फंसते ही सभी लोग समय रहते कार से बाहर निकल गए और अपनी जान बचा ली. देखते ही देखते कार पूरी तरह पानी में डूब गई.
रामबाग स्टेशन के ट्रैक भी डूबे
लगातार बारिश का असर रेलवे पर भी पड़ा है. रामबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो और तीन के ट्रैक पानी में डूब गए. कई जगह पटरियों के ऊपर करीब तीन फीट तक पानी भरने की सूचना है. सुरक्षा को देखते हुए इन प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है. रेलवे ने पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट लगाए हैं. ट्रेनों के संचालन को जारी रखने के लिए उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच से चलाया जा रहा है. रेलवे कर्मचारी लगातार जलनिकासी में जुटे हैं.



