
जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन का बयान सामने आया है। उन्होंने अभिजीत दीपके और उनके समथर्कों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि ये लोग केवल सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रहे हैं जैसे अन्ना हजारे का किया गया था। उन्होंने ये भी दावा किया है अभिजीत दीपके भगवान श्री राम का मजाक उड़ा रहे थे इसलिए उन्होंने विरोध जताने के लिए स्याही फेंकी। उन्होंने अभिजीत दीपके के समर्थकों पर उन्हें बुरी तरह पीटने का भी आरोप लगाया है।
बरखा त्रेहन ने कहा, मैं शांतिपूर्ण विरोध के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं हूं। मेरा किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, अभी जो घटना हो रही है, जिसमें वे ‘कॉकरोच’ और ‘कॉकरोच पार्टी’ शामिल हैं, उसका असली नीट मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। वह लोग नीट की कोई बात ही नहीं कर रहे। यह एक राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है। उन्होंने कहा, आप सोच भी नहीं सकते कि अभिजीत के गुंडों ने मेरे साथ कैसा बर्ताव किया। अभिजीत और उसके साथी मंच पर ही भगवान श्री राम और माता सीता का मजाक उड़ा रहे थे। अभिजीत दीपके हंस रहा था। मैंने विरोध जताने के लिए अभिजीत पर स्याही फेंकी। मुझे ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मैं कट्टर हिंदू हूं। मैं ऐसी बातें कभी बर्दाश्त नहीं करती, चाहे वे बातें माता दुर्गा, माता काली या भगवान श्री राम के बारे में हों।
बुरी तरह पीटने का आरोप
बरखा त्रेहन ने आगे कहा, उन्होंने मुझे बुरी तरह पीटा। मेरे बाल नोचे। इन्होंने मुझे खरोंचे मारी, मेरे ब्रेस्ट को दबाया। मेरे हाथ और उंगलियां सूज गई हैं। मेरी कमर तोड़ दी, पैर तोड़ दिए, मेरी उंगलियां तोड़ दी। मैं दिल्ली पुलिस का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे बचाया और सुरक्षित जगह पहुंचाया। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था। मैंने कोई हिंसा नहीं की थी। फिर भी, उन्होंने मुझ पर इतनी भयानक हिंसा की।
उन्होंने दावा किया कि वे सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं सोनम वांगचुक को यही बताने वहां गई थी कि वे उनका इस्तेमाल कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अन्ना हजारे का इस्तेमाल किया था। अगर दिल्ली पुलिस मुझे ना बचाती तो ये लोग मुझे मार डालते। मैंने अभिजीत के सामने खड़े होकर कहा कि तुम सोनम का इस्तेमाल क्यों कर रहे हों। मेरा जय श्री राम कहने पर उन्हें आपत्ति थी।
कैसे फैंकी स्याही?
यह घटना उस समय हुई जब दीपके अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर रहे थे। इससे कुछ घंटे पहले ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा बलपूर्वक सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।
पुलिस के अनुसार, बरखा त्रेहन नाम की महिला दीपके के संबोधन के दौरान मंच की ओर बढ़ी और उन पर नीली स्याही फेंक दी। इससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया, जिसके बाद स्वयंसेवकों और समर्थकों ने उसे पकड़ लिया।
घटना के बाद जब कुछ समर्थक मंच की ओर दौड़े, तो दीपके ने उनसे बार-बार अपनी जगह पर बैठे रहने और उत्तेजित नहीं होने की अपील की। घटना के बाद दीपके ने कहा, नीला मेरा रंग है। जय भीम। पुलिस बरखा त्रेहन को कार्यक्रम स्थल से ले गई। वहां से ले जाए जाने के दौरान बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसने धार्मिक नारे भी लगाए। त्रेहन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने परिचय में खुद को पुरुष अधिकार कार्यकर्ता तथा ‘पुरुष आयोग’ की अध्यक्ष बताया है।



