Kanpur News: कानपुर में एक विवाहिता ने ससुराल वालों पर तंत्रमंत्र के नाम पर प्रताड़ित करने, दहेज की मांग करने और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं. कार्रवाई न होने से नाराज पीड़िता कमिश्नर कार्यालय आत्मदाह करने की नीयत से पहुंची. पुलिस को पहले ही इसकी सूचना मिल गई थी, जिसके चलते मौके पर भारी फोर्स तैनात रही. पीड़िता जैसे ही वहां पहुंची, पुलिसकर्मियों ने उसे समझाकर आत्मदाह से रोक लिया. पीड़िता कमिश्नर से मिलने की मांग पर अड़ी रही. काफी समझाने के बाद भी वह अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग करती रही.

कांग्रेस नेता के बेटे से हुई थी शादी
पीड़िता कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है. उसकी शादी 16 मार्च 2024 को पांडव नगर निवासी एक कांग्रेस नेता के बेटे से हुई थी. पीड़िता का आरोप है कि शादी में परिवार की ओर से काफी पैसा खर्च किया गया था. इसके बावजूद शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया. पीड़िता का आरोप है कि ससुराल वाले उससे मायके से पैसे और सोना लाने की मांग करते थे. इसके अलावा उस पर तंत्रमंत्र और साधना में शामिल होने का दबाव भी बनाया जाता था.
तंत्रमंत्र में शामिल होने का बनाया दबाव
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके ससुराल में तंत्रमंत्र की गतिविधियां होती थीं. उसका दावा है कि परिवार के लोग रात में साधना करते थे. उस पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बनाया जाता था. पीड़िता के मुताबिक, जब उसने इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की गई. उसने अपने पति पर कपड़े फाड़ने और उसे कमरे में बंद करने का भी आरोप लगाया है. पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. पागल साबित करने की धमकी तक दी गई.
इंडोनेशिया में भी तंत्रसाधना का आरोप
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि वह कुछ समय के लिए अपने पति के साथ इंडोनेशिया गई थी. वहां भी उसके साथ तंत्रमंत्र से जुड़ी गतिविधियां की गईं. उसका कहना है कि ससुराल लौटने के बाद भी उस पर ऐसी गतिविधियों में शामिल होने का दबाव जारी रहा. पीड़िता ने आरोप लगाया कि 21 जनवरी 2025 को जब उसने तंत्रसाधना में शामिल होने से इनकार किया तो उसके पति ने उसके साथ मारपीट की. गले में फंदा डालकर पंखे से लटकाने की कोशिश की. पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसकी जान को खतरा था.
चार महीने से कार्रवाई का इंतजार
पीड़िता के मुताबिक, उसने 29 मार्च 2026 को महिला थाने में इस मामले में FIR दर्ज कराई थी. मामले की जांच पनकी थाना प्रभारी दिनेश सिंह बिष्ट द्वारा की जा रही है. हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि FIR दर्ज हुए करीब चार महीने बीतने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इसी से नाराज होकर वह कमिश्नर कार्यालय पहुंची थी. उसका कहना है कि अगर उसे जल्द न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर अपनी जान देने जैसा कदम उठाएगी.
पुलिस ने समझाकर रोका
फिलहाल कमिश्नर कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने पीड़िता को समझाया और उसे आत्मदाह करने से रोक लिया. पुलिस पूरे मामले की जांच और दर्ज मुकदमे में आगे की कार्रवाई की बात कह रही है. वहीं, पीड़िता लगातार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग कर रही है.



