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Protein Myths: किडनी होती है डैमेज… प्रोटीन से जुड़े इन मिथकों पर न करें भरोसा, पड़ जाएंगे लेने के देने

मांसपेशियों के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले प्रोटीन को लेकर कई मिथक पॉपुलर हैं. इसमें सबसे आम ये है कि अगर इसे ज्यादा ले लिया जाए तो किडनी खराब होने लगती है. ये एक गलफहमी है या फिर सच… ऐसा बहुत कम लोगों को पता होता है. फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग की बात आए तो प्रोटीन पर फोकस किया जाता है. पनीर, चिकन जैसे नेचुरल चीजों के अलावा इसकी पूर्ति के लिए सप्लीमेंट्स तक लिए जाते हैं. पर अगर कोई प्रोटीन वाली डाइट लेना शुरू करता है तो पहले सवाल ये उठता है कि इसकी वजह से किडनी खराब हो जाएगी.

Protein Myths: किडनी होती है डैमेज… प्रोटीन से जुड़े इन मिथकों पर न करें भरोसा, पड़ जाएंगे लेने के देने

किडनी सेहत के लिए वरदान है या अभिशाप… ऐसा सवाल भी जरूर उठता है. ये तत्व न सिर्फ हमारी मांसपेशियों के लिए अच्छा है बल्कि इससे इम्यूनिटी बूस्टिंग और मजबूत हड्डियां जैसे फायदे मिलते हैं. किडनी से जुड़े मिथक एक्सपर्ट के जरिए जानें.

प्रोटीन से जुड़े मिथक । Myths of Protein

डॉ. अर्पित श्रीवास्तव कहते हैं कि प्रोटीन को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं. सबसे आम मिथक यह है कि ज्यादा प्रोटीन खाने से हर व्यक्ति की किडनी खराब हो जाती है. वास्तव में यह पूरी तरह सही नहीं है. किडनी की हेल्थ ठीक है तो तो बैलेंस क्वांटिटिटी में प्रोटीन लेने से नॉर्मली इस अंग को नुकसान नहीं होता. शरीर की मांसपेशियों, प्रतिरक्षा प्रणाली, हार्मोन और ऊतकों की मरम्मत के लिए प्रोटीन एक जरूरी न्यूट्रिएंट है.

हालांकि, जिन लोगों को पहले से क्रॉनिक किडनी डिजीज है तो उन्हें डॉक्टर या क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के अनुसार ही प्रोटीन का इंटेक करना चाहिए. ऐसे मरीजों में आवश्यकता से अधिक प्रोटीन लेने पर किडनी के काम करने के तरीके पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ सकता है.

मांसपेशियों को नुकसान एक्सपर्ट बताते हैं कि कई लोग बिना सलाह के प्रोटीन कम कर देते हैं. इससे मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट सकती है और कुपोषण का खतरा बढ़ सकता है. विशेष रूप से बुजुर्गों और डायलिसिस पर रहने वाले मरीजों में पर्याप्त प्रोटीन लेना बेहद जरूरी होता है.

याद रखें कि हर व्यक्ति की प्रोटीन की आवश्यकता उसकी उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलगअलग होती है. इसलिए सोशल मीडिया या अधूरी जानकारी के आधार पर अपनी डाइट में बदलाव न करें.

प्रोटीन सिर्फ बॉडीबिल्डर्स के लिए लोगों में ये भी मिथक फैली हुई है कि प्रोटीन सिर्फ बॉडीबिल्डर्स के लिए जरूरी होता है, जबकि ऐसा नहीं है. ये हमारी मांसपेशियों, इम्यूनिटी और हड्डियों के लिए एक जरूरी तत्व है. हां, बॉडीबिल्डिंग वालों को इसकी एक्स्ट्रा जरूरत पड़ती है. पर ये हर किसी के शरीर में सही मात्रा में होना चाहिए.

यूरिक एसिड बढ़ाता है ये भी माना जाता है कि हर तरह का प्रोटीन यूरिक एसिड को बढ़ा देता है. ऐसे में गठिया या हड्डियों में दर्द होने लगता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि प्लांट प्रोटीन यूरिक एसिड को बढ़ाता नहीं है. जिनकी बॉडी में यूरिक एसिड बढ़ रहा हो उन्हें एनिमल प्रोटीन से दूरी बनानी चाहिए. जो शराब पीते हैं उन्हें यूरिक एसिड के बढ़ने का खतरा बना रहता है.

कब जरूर लें एक्सपर्ट की सलाह अगर आपको किडनी की बीमारी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी प्रोटीन की सही मात्रा डॉक्टर या क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह से ही तय करें. सही जानकारी और संतुलित आहार ही स्वस्थ किडनी और बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है.

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