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Raebareli Flood News: शिवगढ़ ड्रेन उफनाने से हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न, गुस्साए किसानों ने किया प्रदर्शन; मुआवजे की मांग

रायबरेली/शिवगढ़: शिवगढ़ क्षेत्र में शिवगढ़ ड्रेन के उफनाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बहुदाखुर्द, पिंडौली, बेड़ारू, देहली, चितवनियां, बैंती, नगर पंचायत शिवगढ़, कुंभली, दहिगवां, गुमावां, ऐमापुर, कसना, बदावर, रीवां और दरियावगंज समेत दर्जनों ग्राम पंचायतों की हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है।

फसलों के पानी में डूबने से किसानों की आजीविका प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। कई संपर्क मार्गों के ऊपर से भी पानी बह रहा है। वहीं ऐमापुर ग्राम पंचायत का कोडरी गांव जलभराव के कारण टापू में तब्दील हो गया है।

फसलें डूबीं तो सड़क पर उतरे किसान

शिवगढ़ ड्रेन के उफनाने और खेतों में लगातार पानी भरने से नाराज किसानों ने बदावर और कसना मोड़ के पास प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की।

प्रदर्शन में पूर्व कसना प्रधान रामकिशोर मौर्य के साथ शिवनंदन, रामस्वरूप, उमेश, रामकिशोर, श्रीराम, मंहगू, रामचंद्र, रामफेर और नागेश्वर समेत कई किसान शामिल रहे।

शिवगढ़गुमावां समेत कई संपर्क मार्गों पर बह रहा पानी

जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर बताई जा रही है कि शिवगढ़गुमावां संपर्क मार्ग और बदावरदरियावगंज संपर्क मार्ग के ऊपर से पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

वहीं ऐमापुर ग्राम पंचायत के कोडरी गांव में चारों तरफ पानी भर जाने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।

किसानों ने सिंचाई विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप

प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि शिवगढ़ ड्रेन की सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई। किसानों का कहना है कि जुगराजपुरऐमापुर के पास ड्रेन में जमा जलकुंभी तक की पर्याप्त सफाई नहीं कराई गई।

किसानों का कहना है कि यदि ड्रेन की ठीक तरीके से सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की गई होती तो बाढ़ और जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अभी तक लेखपाल को छोड़कर कोई उच्चाधिकारी मौके पर स्थिति देखने नहीं पहुंचा है। उनका कहना है कि हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न होने से किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

लेखपाल बोले लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे

लेखपाल अनुभव सिंह ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में उनकी तैनाती है, वहां वह लगातार भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति की जानकारी तहसील प्रशासन को लगातार दी जा रही है।

अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर है कि जलभराव और फसल नुकसान का आकलन कर राहत एवं मुआवजे को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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