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Raebareli News : जिम की आड़ में करोड़ों की साइबर ठगी का खेल! फर्जी फर्म-खाते खुलवाकर रकम उड़ाते थे, 8 गिरफ्तार

रायबरेली, अमृत विचार। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नगर और साइबर क्राइम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने गिरोह से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जिम संचालक सईद मोहम्मद आजम भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किया गया है।

फर्जी फर्म बनाकर खुलवाते थे बैंक खाते

क्षेत्राधिकारी नगर आशीष निगम ने बताया कि कोतवाली नगर और साइबर क्राइम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ऐसे लोगों पर निगरानी रख रही थी, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करते थे। जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को चिह्नित किया और कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

आधारपैन का दुरुपयोग, खातों में मंगाते थे ठगी की रकम

पुलिस के मुताबिक गिरोह लोगों के नाम पर फर्जी फर्म पंजीकृत कराता था। इसके बाद उन्हीं के नाम से जीएसटी और बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों में साइबर ठगी से हासिल रकम मंगाई जाती थी। बाद में धनराशि को अलगअलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। गिरोह के सदस्य एटीएम और अन्य माध्यमों से रकम निकालकर आपस में बांट लेते थे। फर्जी फर्म और बैंक खाते खोलने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया जाता था।

जिम संचालक समेत आठ आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में जिम संचालक सईद मोहम्मद आजम के अलावा आनंद मिश्रा, प्रभाकर श्रीवास्तव, आकाश गौड़, जतिन सेन, बब्लू हिरवे, मोहम्मद अकरम और सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इन खातों में मंगाने और फिर उसे निकालने का काम करते थे।

अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है और उनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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