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Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बड़ा एक्शन, आरोपियों से होगी संपत्ति की रिकवरी

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब विशेष जांच दल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के ऑडिट और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच करने का फैसला किया है। शुरुआती जांच में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद हर लेनदेन और निर्माण कार्यों की भी बारीकी से पड़ताल की जाएगी।

राम मंदिर चोरी मामले में नया मोड़

राम मंदिर दान चोरी मामले में अब फिर नया मोड़ आ गया है, ट्रस्ट के एक सदस्य ने मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तो दूसरी ओर ट्रस्ट पदाधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने राम मंदिर दान चोरी मामले में सहायक प्रशासक गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में गोपाल राव जिम्मेदार हैं और वह मंदिर की परंपराओं से हटकर राजनीति कर रहे हैं। 

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए वकीलों का दल राम जन्मभूमि थाने पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने में दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। 

चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR की मांग

राम मंदिर चढ़ावा मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। एसोसिएशन आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर थाना रामजन्मभूमि में तहरीर देगा। बार एसोसिएशन का कहना है कि यदि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती है, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। एसोसिएशन का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पहले से ही विशेष जांच दल कर रहा है। अब बार एसोसिएशन की इस पहल के बाद मामले में कानूनी और प्रशासनिक हलचल और तेज होने की संभावना है। 

पांच साल के ऑडिट की होगी जांच

सूत्रों के मुताबिक, SIT को अब तक ऐसे कई अहम साक्ष्य मिले हैं जो संभावित वित्तीय गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाते हुए ट्रस्ट के पिछले पांच साल के ऑडिट और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की जाएगी। शासन ने जांच पूरी करने के लिए SIT को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है और अब रिपोर्ट 15 जुलाई तक सौंपी जाएगी।

पूछताछ में अनिल मिश्रा का बड़ा दावा

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारी टिन्नू यादव के निर्देश पर काम करते थे। उन्होंने अपनी किसी भी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार करते हुए पूरे मामले की जिम्मेदारी गणनाकर्मियों पर डाली है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और SIT सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बड़े पदाधिकारियों पर भी जांच की नजर

जांच एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड के साथसाथ ट्रस्ट के निर्माण कार्यों और प्रशासनिक फैसलों की भी समीक्षा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच की जद में ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी भी आ सकते हैं। इस सिलसिले में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन की बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक

चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के भविष्य को लेकर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, यदि उनके इस्तीफों या पद से हटाने का प्रस्ताव आता है तो ट्रस्ट के बायलॉज के मुताबिक इसके लिए दोतिहाई बहुमत जरूरी होगा। वर्तमान में ट्रस्ट के 14 में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं, ऐसे में 12 ट्रस्टियों की राय महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पद से हटने पर भी ट्रस्ट की सदस्यता रहेगी

ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, किसी पदाधिकारी को उसके पद से हटाया जा सकता है, लेकिन वह ट्रस्ट का सदस्य बना रह सकता है। यानी यदि महासचिव पद से बदलाव होता है तो भी चंपत राय की ट्रस्ट सदस्यता बनी रह सकती है।

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पहले भी वोटिंग से हुआ था बड़ा फैसला

रामलला की मूर्ति के चयन के समय भी ट्रस्ट ने मतदान की प्रक्रिया अपनाई थी। उस समय दोतिहाई बहुमत से प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज की प्रतिमा का चयन किया गया था, जो आज राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित है। फिलहाल, SIT की जांच और 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक दोनों पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम फैसले सामने आ सकते हैं।

जानिए अब तक क्याक्या हुआ 

7 जून :

7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को हवा देते हुए योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी ‘डबल इंजन’ सरकार, ड्रोन और दूरबीन सही से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आस्था  के पैसे में चोरी गंभीर चिंता का विषय है। 

इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दान की चोरी बेहद गंभीर है। इसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 

10 जून:

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कानपुर दौरे के दौरान चंदा चोरी की बातें सामने आने की बातों को स्वीकारा। उन्होंने साफ किया कि सरकार इसकी जांच करवा रही है और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। 

13 जून :

13 जून को मामले को बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 3 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन हुआ। 

14 जून : 

मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर गोबर में दबे 10 लाख रुपए कैश मिले। इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।

1718 जून :

इस पूरे मामले में पहला और सबसे बड़ा नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का सामने आया। टिन्नू पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर थे और अब उनके सहयोगी बताए जाते हैं। आरोप है कि बीते कुछ सालों में उन्होंने अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपये की चलअचल संपत्ति खड़ी कर ली है। राम मंदिर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर उनका पुश्तैनी घर है, जहां जांच एजेंसी द्वारा सोना बरामद करने की भी खबर आई। 

22 जून :

अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में जनहित याचिका दाखिल की गई। जिसमें सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग ऑडिट की मांग की गई है। 

23 जून: 

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार सुबह अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी। 

24 जून: 

अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजी गई। 

25 जून:

दान चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है। 

26 जून : 

26 जून को चंपत राय ने इस्तीफा दिया  

28 जून :

रविवार 28 जून की सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की।

29 जून :

राम मंदिर चढ़ावा मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया।

30 जून :

अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद 

1 जुलाई : 

आरोपी अविनाश के योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ वाला संदूक मिला।  

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