जैसा की उम्मीद की जा रही थी, भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार चौथी बाजार पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. आखिरी बार पॉलिसी रेट में बदलाव दिसंबर 2025 में हुआ था. तब आरबीआई एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी. जिसके बाद से रेपो रेट 5.25 फीसदी पर बना हुआ है. जबकि पिछले साल ब्याज दरों में 1.25 फीसदी की कटौती की गई थी. मौजूदा साल चार पॉलिसी मीटिंग हो चुकी हैं. लेकिन ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया है. खास बात तो ये है कि दुनिया के कई सेंट्रल बैंकों ने महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में इजाफा किया है. वहीं दूसरी ओर आरबीआई ने भविष्य को लेकर अपने रुख को न्यूट्रल रखने का फैसला लिया है.

#WATCH | RBI Governor Sanjay Malhotra says, “The reescalation of the West Asia conflict since the first week of July has amplified volatility in energy prices and renewed uncertainty about supply chains. Amidst persistent global uncertainty, domestic economic activity has pic.twitter.com/ficMOtoPzW
— ANI August 5, 2026
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा कि जुलाई के पहले हफ्ते से पश्चिम एशिया में संघर्ष के फिर से बढ़ने से ऊर्जा की कीमतों में उतारचढ़ाव बढ़ा है और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता फिर से पैदा हो गई है. लगातार बनी हुई वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, घरेलू आर्थिक गतिविधियों ने मजबूती दिखाई है, जैसा कि पहली तिमाही के लिए उपलब्ध हाईफ़्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चलता है.
महंगाई के अनुमान को किया कम
महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इस साल के लिए CPI महंगाई दर अब 5 फीसदी रहने का अनुमान है, जो हमारे पहले के अनुमानों से 10 बेसिस पॉइंट कम है. इसमें पहली तिमाही में 5.3 फीसदी, दूसरी तिमाही में 4.7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.5 फीसदी रहने का अनुमान है.



