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3.91 लाख रुपये का TDS क्लेम, मिला सिर्फ ₹79 हजार! ITAT के फैसले से मिली बड़ी राहत

अगर आपकी कंपनी ने आपकी सैलरी से TDS काट लिया, लेकिन उसे सरकार के पास जमा नहीं कराया, तो क्या आपको उस TDS का पूरा क्रेडिट मिलेगा? हाल ही में ऐसा ही मामला मुंबई की एक आईटी प्रोफेशनल के साथ सामने आया, जिसे TDS का पूरा क्रेडिट मिलने की बजाय लाखों रुपये का टैक्स नोटिस मिल गया.

3.91 लाख रुपये का TDS क्लेम, मिला सिर्फ ₹79 हजार! ITAT के फैसले से मिली बड़ी राहत

क्या था पूरा मामला?

मुंबई की आईटी प्रोफेशनल सोफिया रिक ने असेसमेंट ईयर 201920 के लिए ITR दाखिल करते समय 18.41 लाख रुपये की आय घोषित की और 3.91 लाख रुपये के TDS का दावा किया. लेकिन आयकर विभाग ने उन्हें केवल 79,030 रुपये का TDS क्रेडिट दिया. इसके बाद उनके ऊपर 3.36 लाख रुपये का टैक्स बकाया बना दिया गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनकी कंपनी ने सैलरी से TDS तो काट लिया था, लेकिन उसे सरकार के खाते में जमा नहीं कराया था.

ITAT पहुंचा मामला

सोफिया ने सबसे पहले सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर से कई बार सुधार की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद उन्होंने पहली अपील की, लेकिन समय सीमा निकल जाने के कारण उसे खारिज कर दिया गया. आखिरकार उन्होंने इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया.

ITAT ने कर्मचारी के पक्ष में सुनाया फैसला

ITAT मुंबई ने माना कि कर्मचारी की गलती नहीं थी. कंपनी ने सैलरी से TDS काटा था, लेकिन उसे सरकार के पास जमा नहीं किया, इसलिए वह राशि Form 26AS में दिखाई नहीं दी. सोफिया ने अपने दावे के समर्थन में Form16, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज पेश किए.

इन दस्तावेजों और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए ITAT ने कहा कि अगर नियोक्ता ने कर्मचारी की सैलरी से TDS काट लिया है, लेकिन सरकार के पास जमा नहीं कराया, तो उसकी जिम्मेदारी कर्मचारी पर नहीं डाली जा सकती. अब आकलन अधिकारी दस्तावेजों की जांच के बाद सोफिया को 3.91 लाख रुपये का पूरा TDS क्रेडिट देंगे और 3.36 लाख रुपये की टैक्स डिमांड खत्म हो जाएगी.

यह फैसला क्यों है अहम?

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहतभरा है, जिनके नियोक्ता TDS काटने के बाद उसे समय पर सरकार के खाते में जमा नहीं करते. अगर कर्मचारी यह साबित कर देता है कि उसकी सैलरी से TDS काटा गया था, तो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 205 के तहत विभाग उस टैक्स की वसूली कर्मचारी से नहीं कर सकता.

ITR भरने से पहले जरूर करें ये जांच

ऐसी परेशानी से बचने के लिए ITR दाखिल करने से पहले ये काम जरूर करें

  • Form16, Form 26AS, AIS और बैंक स्टेटमेंट का मिलान करें.
  • अगर TDS में कोई गड़बड़ी दिखे, तो तुरंत अपने नियोक्ता से संपर्क करें.
  • Form16, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर सबूत के तौर पर पेश किए जा सकें.

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