Ayodhya Seat SP Candidate Pawan Pandey: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए अयोध्या विधानसभा सीट से अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि पवन पांडे आगामी विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। यह पहली बार है जब सपा ने चुनाव से काफी पहले किसी विधानसभा सीट पर उम्मीदवार घोषित किया है। पवन पांडे, जिनका वास्तविक नाम तेज नारायण पांडे है, समाजवादी पार्टी के पुराने और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। वे 2012 में अयोध्या सीट से विधायक चुने गए थे और अखिलेश सरकार में वन राज्य मंत्री भी रहे। हालांकि 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताया है। हाल के दिनों में राम मंदिर चढ़ावा और भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर भी वह लगातार चर्चा में रहे हैं। आइए जानते हैं पवन पांडे का राजनीतिक सफर और क्यों उन्हें एक बार फिर अयोध्या से सपा का चेहरा बनाया गया है।

कौन हैं पवन पांडे?
पवन पांडे का वास्तविक नाम तेज नारायण पांडे है। वह समाजवादी पार्टी के युवा और सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लखनऊ विश्वविद्यालय से की, जहां वर्ष 2004 में छात्रसंघ के उपाध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी से जुड़े और धीरेधीरे पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगे। उन्हें अखिलेश यादव का करीबी और भरोसेमंद माना जाता है।
Lucknow, Uttar Pradesh: Samajwadi Party candidate from the Ayodhya Assembly seat, Pawan Pandey, says on the Brahmin community meeting, “I extend heaps of congratulations and best wishes to all my Brahmin brothers who have come from every corner of the state. And yesterday,… pic.twitter.com/YLITbRbi0W
— IANS August 6, 2026
2012 में पहली बार बने विधायक
पवन पांडे ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की थी। विधायक बनने के बाद वे 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव सरकार में वन राज्य मंत्री भी रहे।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर रहे चर्चा में
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर रहे चर्चा में
हाल के दिनों में पवन पांडे उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उनका दावा था कि इस मामले की जानकारी सबसे पहले को मिली थी, जिसके बाद उन्होंने उन्हें जमीनी स्तर पर तथ्यों की जांच करने के लिए कहा। इस मुद्दे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन की घोषणा की थी।
अयोध्या के स्थानीय मुद्दों पर लगातार सक्रिय
विधायक रहने के दौरान पवन पांडे ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और नगर विकास जैसे मुद्दों को विधानसभा में उठाया। अयोध्या में भूमि अधिग्रहण, स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं, राम मंदिर निर्माण और धार्मिक नगरी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी वह लगातार मुखर रहे हैं। मीडिया में वह समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता के रूप में भी पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं।
2027 चुनाव में फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी
लखनऊ में आयोजित जनेश्वर मिश्र जयंती कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि पवन पांडे अयोध्या विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही वह आगामी चुनाव में प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में से एक अयोध्या से का चेहरा बन गए हैं। अब सभी की नजर इस हाईप्रोफाइल मुकाबले पर रहेगी।



