Satya Report: गर्मी के इस मौसम में गर्भवती महिलाओं को उनकी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है. खासतौर पर महिलाओं को हीट स्ट्रोक से बचाव करने की जरूरत है. ऐसा इसलिए क्योंकि हीट स्ट्रोक का असर होने वाले बच्चे पर भी पड़ सकता है. इससे बच्चे को जन्म के बाद कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसा बहुत देर तक गर्मी में रहने और लू लगने के कारण होता है. हीट स्ट्रोक में बहुत तेज बुखार आता है. इस दौरान शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता है. तेज बुखार के कारण अचानक हालत खराब हो जाती है. चक्कर आने लगते हैं और कई लोगों को बेहोशी भी हो जाती है. प्रेगनेंट महिलाओं को भी हीट स्ट्रोक से काफी खतरा होता है. इससे होने वाले बच्चों को कई तरह की न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं.
बच्चे के दिमाग पर कैसे पड़ सकता है असर?
दिल्ली एम्स में पीडियाट्रिक विभाग में प्रोफेसर डॉ शेफाली गुलाटी ने बताया कि अगर किसी महिला को प्रेगनेंसी के दौरान हीट स्ट्रोक होता है तो ये फीटल ब्रेन डेवलपमेंट पर असर कर सकता है. ऐसा इसलिए होता है कि ज्यादा तापमान के कारण सेल्स पर असर पड़ता है. इससे बच्चों में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का रिस्क होता है. हालांकि ऐसा नहीं है कि ये हर मामले में होता है. कुछ केस में ऐसा होने की आशंका रहती है.
किन महिलाओं को ज्यादा रिस्क होता है
उन महिलाओं को ज्यादा रिस्क होता है जो बाहर धूप में लंबे समय तक रहती हैं. क्योंकि इन महिलाओं को लू लगने और इससे हीट स्ट्रोक आने का रिस्क होता है. शुरुआत डिहाइड्रेशन से होती है और फिर हीट स्ट्रोक आ सकता है. जिन महिलाओं को पहले से ही कोई गंभीर बीमारी है उनको ज्यादा रिस्क होता है. ऐसे में ये जरूरी है कि गर्मी के इस मौसम में प्रेगनेंट महिलाएं सेहत का ध्यान रखें और बाहर धूप में जाने से बचें.
शरीर को हाइड्रेट रखें
इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए प्रेगनेंट महिलाओं के लिए जरूरी है कि वह दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीएं. इसके साथ ही जरूरी है कि नारियल पानी पीएं. छाछ पी सकते हैं और डॉक्टर की सलाह पर ओआरएस भी पी सकते हैं.



