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PNB​​​ के करोड़ों के घोटाले में प्रेमी की भूमिका भी आई सामने, 49 FD तोड़कर 10.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का आरोप

PNB​​​ के करोड़ों के घोटाले में प्रेमी की भूमिका भी आई सामने, 49 FD तोड़कर 10.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का आरोप

ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच में अब बैंककर्मी के प्रेमी की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि बैंक की ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी ने अपने प्रेमी आशुतोष पाठक के साथ मिलकर खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की। बैंक की शुरुआती जांच में 49 लोगों की एफडी तोड़कर करीब 10 करोड़ 24 लाख रुपये सात खातों में भेजे जाने की बात सामने आई है। मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है।

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे फर्जीवाड़े में दीपांशी की भूमिका अहम बताई जा रही है। आरोप है कि उसने बैंक के छह अधिकारियों की कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) यूजर आईडी का गलत इस्तेमाल किया। इसके जरिए ग्राहकों की एफडी की रकम बिना अनुमति दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में आशुतोष पाठक का नाम भी सामने आया है, जिसके खाते में कथित तौर पर गबन की रकम पहुंचाई गई।

पहले खुलवाया खाता, फिर एफडी की रकम पहुंचाई

बैंक की शुरुआती जांच के अनुसार, दीपांशी ने कथित तौर पर अपने प्रेमी आशुतोष पाठक को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए पहले उसका बैंक में खाता खुलवाया। इसके बाद ग्राहकों की एफडी की रकम अलग-अलग खातों के माध्यम से उसके खाते तक पहुंचाई गई।

बैंक की पूछताछ में दीपांशी ने कथित तौर पर बताया था कि उसने आशुतोष के कहने पर ग्राहकों के खातों से बिना अनुमति रकम ट्रांसफर की। इसके लिए बैंक के दूसरे अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि लेनदेन से संबंधित वाउचर भी नष्ट कर दिए गए, ताकि फर्जीवाड़े का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

49 एफडी तोड़कर सात खातों में भेजे गए 10.24 करोड़

PNB के दावे के मुताबिक, इस मामले में 49 खाताधारकों की एफडी तोड़ी गईं। इनसे निकाली गई करीब 10 करोड़ 24 लाख रुपये की रकम सात अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। बैंक की शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि रकम का बड़ा हिस्सा पहले आशुतोष पाठक के खाते में पहुंचा।

इसके बाद कथित तौर पर पैसे को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाया गया। जांच में प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के खातों का भी जिक्र सामने आया है। आरोप है कि इन खातों के माध्यम से रकम दोबारा आशुतोष के खाते तक पहुंचाई गई। इसमें से कुछ पैसे निकाल भी लिए गए।

CBI जांच से सामने आएगी किसकी क्या भूमिका

बैंक में हुए इस कथित गबन की जांच CBI को सौंपी गई है और जांच शुरू होने पर पूरे लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जाएगा। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस फर्जीवाड़े की योजना किसने बनाई, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और रकम कहां-कहां भेजी गई।

फिलहाल मुख्य आरोपी दीपांशी और उसके प्रेमी आशुतोष पाठक की तलाश की जा रही है। दोनों के पकड़े जाने के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

बैंक के बाहर खाताधारकों और किसानों का धरना जारी

इस मामले को लेकर बैंक के बाहर खाताधारकों और किसान संगठनों का धरना भी जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित खाताधारकों की पूरी रकम वापस नहीं मिल जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने में महिलाएं भी शामिल हैं।

वहीं, बैंक प्रबंधन की ओर से खाताधारकों को रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रभावित लोग अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

नोट: यह खबर बैंक की शुरुआती जांच और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

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