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​रुपए ने लगाई 6 महीने की सबसे बड़ी छलांग, अमेरिका से लेकर युरोप तक सब रह गए दंग

भारतीय करेंसी रुपए ने ऐसा कारनामा किया है, जिसे देखकर पूरी दुनिया के होश उड़ गए हैं. लगातार गिरावट की ओर बढ़ रहे रुपए ने ऐसी छलांग लगाई है कि 6 महीने के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं. करेंसी मार्केट के आंकड़ों को देखें तो रुपए ने 6 महीने की सबसे बड़ी छलांग लगाई है और करीब 1 रुपए का इजाफा किया है. इस छलांग की सबसे बड़ी वजह आरबीआई के वो रिफॉर्म हैं, जिनका ऐलान शनिवार को हुआ था. जैसा कि उम्मीद की जा रही थी कि आरबीआई पॉलिसी मीट के बाद रुपए की गिरावट को रोकने के लिए करेंसी मार्केट में इंटरवीन करेगा. शनिवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला. आरबीआई ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिससे गिरते रुपए को सपोर्ट मिल सके. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर डॉलर के मुकाबले रुपए में कितना इजाफा देखने को मिला और किस तर​ह के आंकड़े देखने को मिले हैं.

​रुपए ने लगाई 6 महीने की सबसे बड़ी छलांग, अमेरिका से लेकर युरोप तक सब रह गए दंग

रुपए में 6 महीने की सबसे बड़ी तेजी

सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 पर बंद हुआ. यह छह महीने से ज़्यादा समय में एक दिन में आई सबसे बड़ी बढ़त थी. ऐसा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा घरेलू करेंसी को मजबूत करने के लिए सप्ताहांत में उठाए गए कई कदमों के बाद हुआ. फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि RBI के कदमों से स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम होगी और जरूरत से ज्यादा फॉरेक्स पोजीशन पर रोक लगेगी, जिससे रुपए को कुछ समय के लिए सहारा मिल सकता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि लगातार सुधार कच्चे तेल की कीमतों, कैपिटल फ्लो और ग्लोबल मार्केट की स्थितियों पर निर्भर करेगा.

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.61 पर खुला. इंट्राडे ट्रेड के दौरान, रुपया डॉलर के मुकाबले 95.57 के उच्चतम और 95.96 के निचले स्तर तक पहुंचा. सोमवार को ट्रेडिंग सेशन के आखिर में, रुपया 95.75 पर बंद हुआ, जो पिछले क्लोजिंग के मुकाबले 96 पैसे की बढ़त थी. एक दिन में इतनी बड़ी बढ़त इससे पहले 2 अप्रैल को दर्ज की गई थी, जब रुपया डॉलर के मुकाबले 166 पैसे ऊपर बंद हुआ था. शुक्रवार को रुपया 17 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.71 पर बंद हुआ था.

रुपए को संभालने के लिए आरबीआई के ऐलान

RBI ने शनिवार को फॉरेक्स डेरिवेटिव्स ट्रेड से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया, ताकि रुपए के खिलाफ सट्टेबाजी को कम किया जा सके. साथ ही, बैंकों से कहा गया कि वे 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा की डॉलर खरीद के लिए 20 प्रतिशत का रिजर्व बनाएं.

शनिवार को डेरिवेटिव्स के मोर्चे पर घोषित एक और कदम में, RBI ने कहा कि अधिकृत डीलरों को यूजर्स को INR से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए, जिसे पहले रद्द कर दिया गया हो.

जानकारों के मुताबिक, RBI के कदमों से जिसमें चुनिंदा बैंकों के जरिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए एक खास डॉलर विंडो और कुछ फॉरेन एक्सचेंज हेजिंग ट्रांजैक्शन के लिए ज्यादा कॉस्ट शामिल है स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम होने और रुपये के खिलाफ सट्टेबाजी की पोजीशन पर रोक लगने की उम्मीद है.

तेल से लेकर शेयर बाजार के आंकड़े

  • इस बीच, डॉलर इंडेक्स जो छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है 0.17 प्रतिशत बढ़कर 102.38 पर ट्रेड कर रहा था.
  • ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, फ्यूचर्स ट्रेड में 0.94 प्रतिशत बढ़कर 105.70 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.
  • घरेलू इक्विटी मार्केट में, सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 157.10 अंक गिरकर 22,363.35 पर आ गया.
  • एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को नेट आधार पर 3,568.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
  • इस बीच, शुक्रवार को जारी रिजर्व बैंक के डेटा से पता चला कि 2 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 12.952 अरब डॉलर घटकर 734.606 अरब डॉलर हो गया.
  • इससे पहले 25 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में कुल रिज़र्व 18.343 अरब डॉलर घटकर 747.557 अरब डॉलर हो गया था.

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