जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने गोदामों, रेलवे स्टेशन, बुनियादी ढांचे और नागरिक लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका युद्ध से कोई संबंध नहीं था। उनके अनुसार एक ब्रूइंग कंपनी, निर्माण सामग्री के गोदाम और अन्य नागरिक सुविधाएं भी हमले में क्षतिग्रस्त हुईं। यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी डाक सेवा नोवा पोश्टा ने भी बताया कि उसके एक सॉर्टिंग सेंटर को क्लस्टर हथियार से नष्ट कर दिया गया। जेलेंस्की ने अपने सहयोगी देशों से बैलिस्टिक मिसाइल रोधी सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति तेज करने की अपील की।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके हमलों का निशाना केवल युद्ध से जुड़े परिवहन, लॉजिस्टिक्स और वितरण केंद्र थे। मंत्रालय का दावा है कि कीव क्षेत्र के कई केंद्रों में ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और अन्य सैन्य सामग्री रखी गई थी। रूस ने यह भी कहा कि ओडेसा के दक्षिण में काला सागर में तीन मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया, जिनके जरिए यूक्रेनी सेना के लिए हथियार और सैन्य उपकरण पहुंचाए जा रहे थे। यूक्रेन ने इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
यूक्रेन ने रूस के भीतर लंबी दूरी के ड्रोन हमले जारी रखे हैं। यूक्रेनी ड्रोन ने मॉस्को के दक्षिण में तुला क्षेत्र में रूस की बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज के एक गोदाम को निशाना बनाया। यूक्रेन का कहना है कि इस कंपनी की सुविधाओं का इस्तेमाल सैन्य जरूरतों के लिए भी किया जा सकता है। वहीं रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 16 क्षेत्रों, क्रीमिया और आजोव व काला सागर के ऊपर कुल 475 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
क्या युद्ध अब और लंबा खिंचने के संकेत दे रहा?
अमेरिका की अगुआई में शांति प्रयास फिलहाल आगे नहीं बढ़ पाए हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की बिना शर्त युद्धविराम की बात स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अब तक इसे मंजूरी नहीं दी है। इसी बीच दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब युद्ध ऐसे दौर में पहुंच गया है, जहां दोनों पक्ष एकदूसरे के सैन्य और लॉजिस्टिक ढांचे को लगातार निशाना बना रहे हैं, जिससे आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।


