पटना
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र चल रहा है। इस सत्र में सरकार कई अहम विधेयक लाना चाहती है। इसी महीने बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव भी होने है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए विधानमंडल दल के सदस्यों को मानसून सत्र के दौरान सदन में मौजूद रहने को कहा है। सोमवार को सत्र के पहले दिन की समाप्ति के बाद विधानसभा के विस्तारित भवन में एनडीए विधायकों की बैठक में सीएम ने कहा कि सदन की पहली पाली के साथ ही दूसरी पाली में भी मौजूद रहें। सरकार के काम को समझें। विपक्ष के हर आरोपों का जवाब दें।सीएम ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में सरकार चल रही है। हमने घोषणा की थी कि डिग्री कॉलेज खोलेंगे। आजादी के बाद पहली बार एक साथ इतनी संख्या में डिग्री कॉलेज खुले। 800 करोड़ ग्रामीण कार्य विभाग को दिया गया। हर महीने 11 तारीख को पेंशन देते हैं।

इस मद में 10 हजार करोड़ सरकार खर्च करती है। कहां खजाना खाली है। विपक्ष का आरोप निराधार है। सरकार अपना दायित्व पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को साकार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि जिन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, उन्हें बिहार में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है विशेष ऐप
लगभग घंटे भर चली बैठक में सीएम ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष ऐप भी तैयार किया है। इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थी रात 12 बजे भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। उन्होंने ‘सहयोग शिविर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद स्पष्ट है कि इंसाफ और अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विधायकों को किसी तरह की परेशानी है, वे व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं। उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
बांकीपुर के लिए दो घंटे का समय निकालें
मुख्यमंत्री ने एनडीए विधायकों से बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार में समय देने की अपील की। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे शाम के समय कम से कम दो घंटे प्रचार के लिए दें। यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि एनडीए की एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन है। बूथ स्तर तक जाकर मतदाताओं से सीधे संपर्क करें। अगर किसी विधायक को प्रचार या अन्य किसी मुद्दे पर कोई शिकायत या परेशानी है तो वह सीधे मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं। कोई इंटरमीडिएट नहीं चलेगा।
विधायी कार्य समझने की नसीहत
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने सदस्यों को विधायी कार्य समझने की नसीहत दी। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधायकों को उनके दायित्वों के बारे में जानकारी दी। हम के संतोष सुमन, रालोमो के माधव आनंद, लोजपाआर के राजू तिवारी ने अपने विचार रखे।
वेदना प्रकट नहीं कर पाए विधायक
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान भाजपा के दो विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह और मुरारी मोहन झा अपनी वेदना प्रकट करना चाह रहे थे। सीएम के भाषण के बाद सचिन्द्र खड़े होकर बोले कि हम अपनी वेदना प्रकट करना चाहते हैं। इस पर उनको अलग से मिल लेने की राय दी गई। बाद में सचिन्द्र ने ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार को कहा कि पहले जब हम विपक्ष में थे तो सड़कों पर धान की रोपनी किया करते थे। आज वही स्थिति है कि विपक्ष सड़कों पर धान की रोपनी कर रहा है। ऐसे में क्या हम पुराने दौर में तो नहीं लौट रहे हैं। मंत्री श्रवण ने विधायकों की समस्याओं को सुनकर उसका अविलंब निबटारा करने का भरोसा दिया। अजीत कुमार ने सीएम को लिखकर अपनी समस्या दी।



