महाराष्ट्र में राजनीतिक दोस्तों के बीच वैचारिक दरार जैसी स्थिति पैदा कर दी है. इस क्लेश की प्रायोजक हैं एनसीपी अजित पवार गुट की एक विधायक, नाम है सना मलिक. सना पर उनके विरोधियों का आरोप है कि उन्होंने इस्लाम में बहुविवाह पर पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए भारत में भी कुरान के आधार पर कानून लागू करने की मांग की. इतना ही नहीं उन्होंने भारत सरकार के ट्रिपल तलाक बैन किए जाने के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि तुरंत ट्रिपल तलाक खत्म करने के लिए एक कानून बनाया गया. जबकि ऐसी चीज को खत्म किया गया जो इस्लाम में थी ही नहीं. इस बयान पर विवाद हो गया.

अब कोई संविधान के ऊपर किसी धार्मिक ग्रंथ को देश के कानून का आधार बनाने की बात करे तो समझिए क्लेश की गारंटी है. इसकी शुरुआत भी हो चुकी है लेकिन पहले विधायक सना मलिक का वो पूरा बयान जान लीजिए, जहां से महाराष्ट्र में महायुति में दरार वाली चिंगारी उठी. सना मलिक कहती हैं, इस तरह का अत्याचार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के ऊपर हो रहा है. क्या ये प्रश्न मैं पूछ सकती हूं इसका जवाब दिया जाएगा कि इस तरह का अत्याचार सिर्फ मुस्लिम महिलाओं के ऊपर हो रहा है क्या दूसरा बहुविवाह की मुस्लिम धर्म में अनुमति है मुस्लिम लॉ के अंतर्गत पाकिस्तान ने कुछ नया नहीं किया है.
सना मलिक ने क्याक्या कहा?
उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान ने मुस्लिम लॉ जो हमारा कुरान कहता है, उसे लागू किया है. वो अगर यहां भी लागू किया जाएगा तो हममे से किसी को भी, इस्लाम में जो भी कुरान कहता है हम फॉलो करते हैं तो अगर कुरान में कोई चीज़ कही गई है तो उसे फॉलो करने के लिए अगर वो पाकिस्तान में लाया गया है तो भारत में भी ये लागू हो हम इसकी मांग करते हैं.
अब सना मलिक का ये बयान सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है. लोग अपने अपने हिसाब से इसकी व्याख्या कर रहे हैं. सवाल भी उठा रहे हैं लेकिन ये बहस सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है बल्कि महायुति के अंदर भी अपनों के बीच ही सियासी तलवारें खिंच गई है. महायुति में NCP अजित गुट की सहयोगी बीजेपी सना मलिक के इस बयान से भड़की हुई है.
मंत्री नितेश राणे का पलटवार
मंत्री नितेश राणे ने कहा कि सना मलिक भूल गई हैं कि वो भारत की विधायक हैं पाकिस्तान की नहीं. इसके अलावा महायुति में NCP अजित गुट की दूसरी सहयोगी शिवसेना शिंदे गुट के नेता भी उनका आलोचना कर रहे हैं. गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने इस पर कहा है कोई भी कानून तैयार करते वक्त किसी धर्मग्रंथ के आधार पर फैसला नहीं लिया जाता.
इन सबके बीच महायुति के विरोधियों को इस अंदरूनी मतभेद पर कमेंट करने का मौका मिल गया है. इन वजहों से महाराष्ट्र में कितनी मूसलाधार सियासत हो रही है.अब जब राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है तो मौके को देखकर विधायक सना मलिक की सफाई भी आ गई है. पहले तो उन्होंने राजनीति के सबसे लोकप्रिय मॉडल के तहत कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया. उसे तोड़ मरोड़ पेश किया गया. इसके बाद ये बताया कि उन्होंने विधानसभा में पाकिस्तान का नाम क्यों लिया और कुरान के हिसाब से कानून बनाने की बात क्यों कही.
सना मलिक की सफाई
सना मलिक ने कहा, महिलाओं से जुड़े मुद्दों में धर्म को ना लाया जाए. किसी भी मुद्दे पर पाकिस्तान को कोट ना किया जाए. जो पाकिस्तान की तारीफ करते हैं, वो पाकिस्तान जाएं. यूसीसी बिल पर चर्चा के दौरान दो दिन पहले लक्ष्यदीप में पाकिस्तान का संदर्भ दिया गया था. मेरा विशेष रूप से केवल दो मुद्दों पर तर्क था. पहला, महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों पर चर्चा होनी चाहिए और किसी भी धर्म या समुदाय को सीधे तौर पर उससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सवाल यह उठाया गया कि क्या पाकिस्तान ने कोई कानून बनाया है और पाकिस्तान का उदाहरण क्यों दिया जा रहा है. मैंने उसी संदर्भ में अपनी बात रखी थी. महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा कीजिए, लेकिन उसे किसी धर्म या समुदाय से जोड़ने का प्रयास नहीं होना चाहिए.



