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भागवत कथा सुनकर घर लौट रहे संतोष को आंख के पास मारी थी गोली, पांच दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

भागवत कथा सुनकर घर लौट रहे संतोष को आंख के पास मारी थी गोली, पांच दिन तक जिंदगी से जूझने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

बरेली, उत्तर प्रदेश: सीबीगंज क्षेत्र के मथुरापुर गांव में भागवत कथा सुनकर लौट रहे प्लाईवुड फैक्ट्री कर्मचारी संतोष की पांच दिन तक इलाज चलने के बाद मौत हो गई। शुक्रवार रात गांव के दुर्गा माता मंदिर के पास उन पर गोली चलाई गई थी। गोली उनके माथे और आंख के पास लगी थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश और एक पुराने मुकदमे को लेकर विवाद की बात सामने आई है।

मंदिर के पास पहुंचते ही किया गया हमला

जानकारी के मुताबिक, संतोष शुक्रवार रात भागवत कथा सुनकर लौट रहे थे। जैसे ही वह गांव में दुर्गा माता मंदिर के पास पहुंचे, आरोप है कि ललित कुमार ने तमंचे से उन पर गोली चला दी। गोली उनके माथे और आंख के पास लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाल दी थी, लेकिन उनकी हालत नाजुक बनी रही। पांच दिन तक इलाज चलने के बाद मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई।

पुराने मुकदमे को लेकर चल रही थी रंजिश

पुलिस के अनुसार, संतोष की पत्नी जावित्री ने करीब एक साल पहले ललित कुमार के खिलाफ अपने बेटे दिव्यांश की उंगली ईंट से कुचलने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।

आरोप है कि ललित इस मामले में समझौता करने और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था, लेकिन जावित्री इसके लिए तैयार नहीं थीं। पुलिस इस पुराने विवाद को गोलीबारी की घटना की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है।

हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और सभी आरोपितों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

छह लोगों के खिलाफ केस, दो हिरासत में

जावित्री की शिकायत पर पुलिस ने ललित कुमार, रोहतास, महेंद्र पाल, मदनलाल, करन और विनोद कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। संतोष की मौत के बाद मामले में हत्या से संबंधित धारा बढ़ाने की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी विनोद सिंह के मुताबिक, मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं और उसकी तलाश जारी है।

परिवार को न्याय का इंतजार

संतोष की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे, उसी मामले में अब हत्या की धाराएं जोड़ने की तैयारी है। पुलिस पुराने मुकदमे से जुड़े विवाद, घटना की परिस्थितियों और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।

Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

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