SBI Employees Strike: अगर आपको भी इस महीने बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो बैंकिंग शेड्यूल के बारे में आपको पता होना चाहिए. पब्लिक सेक्टर के देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के कर्मचारियों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है. ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 25 और 26 मई 2026 को दो दिन की स्ट्राइक का ऐलान किया है. इस हड़ताल के लिए देशभर में ऐलान किया गया है. हड़ताल शुरू होने से पहले 23 मई को महीने का दूसरा शनिवार और 24 को रविवार है. इस तरह मई के आखिरी हफ्ते में देश में मौजूदा एसबीआई की ब्रांच में चार दिन काम नहीं होगा.

यूनियन की तरफ से आरोप लगाया गया कि बैंक मैनेजमेंट की पॉलिसी कर्मचारी विरोधी हैं और उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है. फेडरेशन की तरफ से साफ किया गया कि यदि इन तारीखों पर कोई छुट्टी पड़ती है तो हड़ताल 27 मई को भी जारी रह सकती है. हड़ताल का अहम कारण सैलरी और पेंशन में देखी जा रही असमानता है. यूनियन के अनुसार 12वें समझौते के तहत पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री में 17% की सैलरी हाइक तय की गई थी. लेकिन SBI मैनेजमेंट ने अधिकारियों को अतिरिक्त ‘स्पेशल पे’ देकर उनकी बढ़ोतरी 22% तक कर दी. वहीं, क्लेरिकल और बाकी के स्टाफ की बढ़ोतरी 17% ही रखी गई.
सुरक्षा खामियों को लेकर भारी नाराजगी
इसके अलावा, एनपीएस के तहत आने वाले 1.1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को अपना ‘पेंशन फंड मैनेजर’ चुनने की इजाजत नहीं दी जा रही है, जो कि दूसरे बैंकों में उपलब्ध है. इससे कर्मचारियों की आने वाले समय के लिए सेविंग पर बुरा असर पड़ रहा है. बैंकों में बढ़ती सुरक्षा खामियों को लेकर भी कर्मचारियों के बीच भारी नाराजगी है. हाल ही में सूरत की एक ब्रांच में हुई दिनदहाड़े लूट का हवाला देते हुए यूनियन ने कहा कि बैंक सशस्त्र गार्डों की भर्ती नहीं कर रहा, जिससे कर्मचारियों और कस्टमर की जान खतरे में है.
आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रहा बैंक
पिछले काफी लंबे समय से ‘मैसेंजर’ जैसे पदों पर भर्ती बंद है, जिससे कामकाज का दबाव बढ़ गया है. यूनियन का कहना है कि बैंक मैनेजमेंट स्थाई नौकरियों की जगह आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रहा है. फेडरेशन की तरफ से मैनेजमेंट के सामने 16 सूत्रीय डिमांड लेटर रखा गया है. इनमें से कुछ प्रमुख मांग इस प्रकार हैं
यूनियन की प्रमुख मांगें
NPS कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का ऑप्शन मिले.
सैलरी में भेदभाव को तुरंत खत्म किया जाए.
मैसेंजर और आर्म्ड गार्ड्स की नई भर्ती शुरू हो.
स्थाई नौकरियों की आउटसोर्सिंग पर तुरंत रोक लगे.
2019 के बाद शामिल हुए कर्मचारियों के लिए ‘इंटरसर्कल ट्रांसफर’ की सुविधा हो.
रिटायर्ड कर्मचारियों के मेडिकल रीइंबर्समेंट और पेंशन के पुराने मामलों को सुलझाया जाए.
क्रॉससेलिंग के नाम पर कर्मचारियों पर दबाव बनाना बंद किया जाए.
हड़ताल से पहले क्या है प्लान?
हड़ताल को सफल बनाने के लिए फेडरेशन ने पहले ही विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू कर दिया है. 5 मई को लंच टाइम प्रदर्शन के बाद 6 मई को सोशल मीडिया कैंपेन चलाया गया. आने वाले दिनों में भी देशभर के रीजनल ऑफिस पर साइलेंट सिटइन और 19 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन सौंपने का प्लान है. 21 मई को पीएम मोदी को भी इस बारे में ज्ञापन दिया जाएगा. यदि मैनेजमेंट की तरफ से समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो 2526 मई को देशभर में SBI का कामकाज पूरी तरह ठप रह सकता है.



