CrimeIndiaRajasthanTrending

फर्जीवाड़े से अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला सफाईकर्मी बर्खास्त, 11 साल का वेतन ₹36.69 लाख वसूलने का नोटिस…

फर्जीवाड़े से अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला सफाईकर्मी बर्खास्त, 11 साल का वेतन ₹36.69 लाख वसूलने का नोटिस…

जोधपुर। जोधपुर नगर निगम में फर्जी दस्तावेज और झूठे शपथ पत्र के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले एक सफाई कर्मचारी के खिलाफ निगम प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है। निगम ने बर्खास्त सफाई कर्मचारी रवि बारासा को नोटिस जारी कर उसके 11 साल के सेवाकाल के दौरान उठाए गए वेतन और भत्तों की पूरी राशि राजकोष में वापस जमा कराने के आदेश दिए हैं। आरोपी को आगामी 30 जून तक कुल 36.69 लाख रुपए निगम कोष में जमा कराने होंगे।मां सरकारी नौकरी में थी, फिर भी पिता की मौत पर ली नियुक्ति पूरा मामला नियमों को ताक पर रखकर नौकरी हथियाने से जुड़ा है। आरोपी रवि बारासा ने वर्ष 2015 में अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था और नौकरी हासिल की थी। नियमों के मुताबिक, यदि परिवार का कोई भी सदस्य पहले से सरकारी या निगम सेवा में कार्यरत हो, तो परिवार का दूसरा सदस्य अनुकंपा नियुक्ति का पात्र नहीं होता।
जांच में सामने आया कि जब रवि ने अनुकंपा नियुक्ति ली, तब उसकी मां पहले से ही नगर निगम जोधपुर में सफाईकर्मी के पद पर स्थायी रूप से कार्यरत थीं। रवि ने इस महत्वपूर्ण तथ्य को छुपाया और निगम को गुमराह करने के लिए झूठे शपथ पत्र व फर्जी दस्तावेज पेश किए। कुछ समय पूर्व हुई एक शिकायत के बाद जब निगम ने इस मामले की गहन जांच करवाई, तो इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया, जिसके बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
समय पर राशि नहीं चुकाई तो लगेगा 12% ब्याज
नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, कार्यालय रिकॉर्ड और लेखा जांच (ऑडिट) में यह पाया गया कि 5 जून 2015 से 26 मई 2026 तक राजकोष से रवि बारासा को वेतन और विभिन्न भत्तों के रूप में कुल 36,69,947 रुपए का भुगतान किया गया था। चूंकि यह नौकरी पूरी तरह अवैध पाई गई है, इसलिए यह राशि पूर्णतः वसूली योग्य है। यदि आरोपी ने 30 जून तक यह राशि जमा नहीं कराई, तो उससे इस मूल राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जुर्माना वसूल किया जाएगा।
हड़कंप: 26 अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में
निगम द्वारा की गई इस ऐतिहासिक रिकवरी की कार्रवाई से प्रशासनिक और कर्मचारी हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम में अनुकंपा नियुक्तियों में गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में निगम के 26 अन्य सफाई कर्मचारी भी इसी तरह की पात्रता और संदिग्ध दस्तावेजों के चलते विजिलेंस और प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं।
अधिकारियों का रुख: निगम प्रशासन का कहना है कि इन 26 मामलों की भी निष्पक्ष और गहनता से स्क्रूटनी की जा रही है। यदि इनमें से किसी भी कर्मचारी की पात्रता गलत पाई गई या दस्तावेजों में हेरफेर साबित हुआ, तो रवि बारासा की तरह ही उन्हें भी तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी और आर्थिक वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply