शेयर बाजार में इन दिनों हलचल तेज है. एक तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ को बाजार नियामक सेबी की हरी झंडी मिल गई है. वहीं दूसरी तरफ इसके प्रतिद्वंद्वी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. 4 सितंबर को बीएसई के शेयरों ने 3 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाई. ये उछाल ऐसे ही नहीं आया है. इसके पीछे कई बड़े कारण छिपे हैं. लगातार बिकवाली का सामना कर रहे बीएसई के शेयरों ने अचानक 3,411 रुपये का स्तर छू लिया. ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस समय बीएसई के शेयरों में दांव लगाना मुनाफे का सौदा साबित होगा.

तेजी के पीछे की मुख्य वजह
बीएसई के शेयरों में अचानक आई इस खरीदारी के पीछे कंपनी के एमडी व सीईओ का एक अहम बयान है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि आईपीओ आने के बाद एनएसई अपने शेयर खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं करा सकेगा. नियमों के मुताबिक किसी भी स्टॉक एक्सचेंज को अपने ही मंच पर खुद को लिस्ट करने की अनुमति नहीं होती है. पीएल कैपिटल ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है. रिपोर्ट के अनुसार अगर एनएसई के शेयर खुद के मंच पर लिस्ट होते हैं, तो इससे वित्तीय वर्ष 2027 में बीएसई की कमाई पर नकारात्मक असर पड़ सकता था. लेकिन अब ये साफ हो चुका है कि एनएसई को बीएसई पर ही लिस्ट होना पड़ेगा. इसी खबर ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया.
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन पर नया अपडेट
बीएसई के शेयरों को ताकत देने वाला एक और बड़ा फैक्टर सेबी का ताजा बयान है. सेबी ने कहा है कि वो क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की समीक्षा करेगा. दरअसल, 3 अगस्त को सीएएस की शुरुआत हुई थी. इसके लागू होने के बाद से ही बाजार में, खासकर एक्सपायरी के दिन भारी उतारचढ़ाव देखा जा रहा था. बाजार भागीदारों से मिले ढेरों फीडबैक के बाद अब सेबी इस सिस्टम में कुछ जरूरी बदलाव करने पर विचार कर रहा है. बाजार को सेबी का ये कदम काफी सकारात्मक लगा, जिसका सीधा फायदा बीएसई के शेयरों को मिला.
क्या कहते हैं बाजार विश्लेषक
शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने बीएसई के शेयरों की चाल पर बारीकी से अपनी बात रखी. मयंक के मुताबिक बीएसई के शेयर इस साल की शुरुआत में 4,500 रुपये के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे. उस ऐतिहासिक ऊंचाई को छूने के बाद से ही इन शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव हावी रहा. हालांकि, अब तकनीकी चार्ट पर कुछ अच्छे संकेत मिल रहे हैं. करीब 3,265 रुपये के 200डे सिंपल मूविंग एवरेज को टेस्ट करने के बाद इस शेयर में निचले स्तरों से फिर खरीदारी लौटती दिखी है.
चार्ट्स पर क्या बन रही स्थिति
निवेश के सही मौके को लेकर तकनीकी चार्ट्स को समझना जरूरी है. मयंक जैन मानते हैं कि 3,265 रुपये का स्तर निवेश बढ़ाने के लिए एक मजबूत बेस का काम कर रहा है. हालांकि, शेयरों के लिए अगला बड़ा पड़ाव 3,550 रुपये के करीब 50डे एसएमए पर मौजूद है. अगर शेयर इस रेजिस्टेंस को पार करके टिकने में कामयाब रहता है, तो इसका ट्रेंड पूरी तरह बदल जाएगा.
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन का भी कुछ ऐसा ही मानना है. रुचित के अनुसार 4,400 रुपये के हाई से करेक्ट होकर ये शेयर 3,200 रुपये तक आ चुका है. आरएसआई इंडिकेटर बता रहा है कि शेयर फिलहाल ओवरसोल्ड जोन में चला गया है. अगर ये शेयर आने वाले दिनों में 3,200 से 3,150 रुपये के सपोर्ट लेवल के ऊपर टिका रहता है, तो शॉर्ट टर्म में निवेशकों को एक शानदार पुलबैक देखने को मिल सकता है.



