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पीलीभीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गौ-रक्षा का आह्वान, बोले- ठोस कदम नहीं उठे तो होगा बड़ा आंदोलन

Shankaracharya Avimukteshwaranand Statement: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 81 दिवसीय ‘गोप्रतिष्ठा ’ यात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत किया गया। जगहजगह श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” के साथ गौरक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।

पीलीभीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गौ-रक्षा का आह्वान, बोले- ठोस कदम नहीं उठे तो होगा बड़ा आंदोलन
पीलीभीत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गौ-रक्षा का आह्वान, बोले- ठोस कदम नहीं उठे तो होगा बड़ा आंदोलन

पीलीभीत का गौसंस्कृति से विशेष संबंध

सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि पीलीभीत का गौसंस्कृति से विशेष संबंध है। उन्होंने दावा किया कि महर्षि वशिष्ठ की प्रार्थना पर यहीं गोमती नदी का प्रादुर्भाव हुआ था। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि जहां गौदान संभव न हो, वहां श्रद्धापूर्वक गोमती स्नान करने से गौदान के समान पुण्य प्राप्त होता है।

अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि “गौ हत्या बंद हो” की आवाज को दबाना, गौ हत्या जारी रखने की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है तथा गौसुरक्षा को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

वैदिक संस्कृति का मूल आधार ही गौरक्षा है

उन्होंने शास्त्रार्थ की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि किसी शास्त्र में का समर्थन लिखा हो तो उसे सामने लाया जाए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हिंदू परंपरा, गोत्र व्यवस्था और वैदिक संस्कृति का मूल आधार ही गौरक्षा है।

शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गौसुरक्षा के मुद्दे पर जनता के साथ छल किया गया है। उन्होंने उपस्थित लोगों से संकल्प दिलाया कि वे भविष्य में गौसुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान करेंगे।

उन्होंने बताया कि 3 मई से शुरू हुई यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 तक पहुंचेगी। यदि 24 जुलाई तक सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो लखनऊ में दो लाख से अधिक धर्म सैनिकों के साथ अगले चरण के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

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