Share Market Crash: शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही. कारोबार शुरू होते ही महज 5 सेकंड के भीतर दलाल स्ट्रीट में कोहराम मच गया. बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में करीब तीन लाख करोड़ रुपये की भारी सेंध लग गई. देखते ही देखते निवेशकों की इतनी बड़ी दौलत पूरी तरह से हवा हो गई. इस भारी गिरावट की असल वजह सात समंदर पार से आ रही बेहद चिंताजनक खबरें हैं. अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों पर हमला किया तो ईरान ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस भूराजनीतिक तनाव ने ग्लोबल मार्केट के साथ घरेलू बाजार को भी बुरी तरह झुलसा दिया है. शुरुआती झटके में ही सेंसेक्स 600 पॉइंट से ज्यादा गिर गया, वहीं निफ्टी भी टूटकर 23500 के अहम स्तर से नीचे खिसक गया. ब्रोडर लेवल पर बिकवाली का जबरदस्त दबाव साफ देखा जा सकता है.

ईरान के मिसाइल हमले से घबराया बाजार
पश्चिमी एशिया में एक बार फिर से युद्ध के घने बादल मंडराने लगे हैं. अमेरिका ने जब ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया तो ईरान की सेना ने भी जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं. ईरान की आईआरजीसी ने इसे अमेरिकी हमलों के जवाब में एक ‘सजा देने वाला ऑपरेशन’ करार दिया है. इस सीधे सैन्य टकराव ने दुनिया भर में जियोपॉलिटिकल टेंशन को चरम पर पहुंचा दिया है. इसी डर का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर साफ दिख रहा है. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने घबराहट में जमकर बिकवाली शुरू कर दी है जिसका सीधा खामियाजा घरेलू निवेशकों को उठाना पड़ रहा है.
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
युद्ध जैसी स्थिति का सबसे पहला और बड़ा असर हमेशा कच्चे तेल की सप्लाई चेन पर होता है. पश्चिमी एशिया के तनाव से ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल पूरी तरह उबल गया है. ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में करीब 2 फीसदी का भारी उछाल दर्ज किया गया. अब ये 100 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कतई अच्छी खबर नहीं हैं. तेल महंगा होने से घरेलू बाजार में भी घबराहट का माहौल बन गया है.
आईटी सेक्टर में सबसे भारी बिकवाली
अगर इक्विटी बेंचमार्क के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो सुबह 9:38 बजे सेंसेक्स 461.33 अंक टूटकर 75,116.25 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 50 भी 109.40 पॉइंट फिसलकर 23,525.70 पर आ गया. हालांकि इंट्राडे में तो हालात और भी डरावने थे. सेंसेक्स एक समय 608.59 पॉइंट गोता लगाकर 74,968.99 तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 157.55 अंक टूटकर 23,477.55 तक आ गया था. आज पूरे बाजार पर आईटी सेक्टर ने बहुत भारी दबाव बनाया हुआ है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश हो चुका है. मेटल या फार्मा में थोड़ी बहुत रौनक जरूर दिखी लेकिन बाकी हर सेक्टर में लाल निशान हावी है. हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट थोड़ी कम देखने को मिली है. निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधा फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई.
इंडिया विक्स ने बढ़ाई निवेशकों की धड़कनें
बाजार में निवेशकों के बीच कितनी घबराहट है, इसे इंडिया विक्स से आसानी से समझा जा सकता है. बाजार के डर को नापने वाले इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में आज अच्छा खासा उछाल देखने को मिला है. फिलहाल ये 3.31 फीसदी की तेजी के साथ 11.61 पर पहुंच गया है. इंडिया विक्स के ऊपर जाने का सीधा मतलब ये होता है कि शॉर्ट टर्म में बाजार के अंदर भयंकर उठापटक देखने को मिल सकती है. इसी भारी अनिश्चितता के माहौल में बाजार संभलने का नाम नहीं ले रहा है.



