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पाकिस्तान के लाहौर में यौन अपराधों के चौंकाने वाले आंकड़े, 8 महीने में 498 रेप और 36 गैंगरेप के मामले दर्ज.

पाकिस्तान के लाहौर में यौन अपराधों के चौंकाने वाले आंकड़े, 8 महीने में 498 रेप और 36 गैंगरेप के मामले दर्ज.

लाहौर: पाकिस्तान के लाहौर में यौन हिंसा से जुड़े सामने आए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी’ (VOPM) ने बताया कि वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में शहर में रेप के 498 और गैंगरेप के 36 मामले दर्ज किए गए। संगठन के मुताबिक, अप्राकृतिक यौन संबंध से जुड़े मामलों को भी शामिल करने पर यौन अपराधों की कुल संख्या 1,108 तक पहुंच जाती है।

संगठन ने इन आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि ये केवल पुलिस में दर्ज मामले हैं और वास्तविक घटनाओं की संख्या इससे अधिक हो सकती है। सामाजिक बदनामी का डर, परिवार का दबाव और पुलिस पर भरोसे की कमी जैसे कारणों से कई पीड़ित शिकायत दर्ज कराने से पीछे रह जाते हैं।

लाहौर के किन इलाकों में दर्ज हुए सबसे ज्यादा मामले?

रिपोर्ट में पुलिस डिवीजनों के आधार पर रेप के दर्ज मामलों का ब्योरा भी दिया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सदर डिवीजन में सबसे ज्यादा 132 मामले दर्ज हुए। इसके बाद मॉडल टाउन में 98, कैंटोनमेंट में 92, इकबाल टाउन में 80, सिटी में 56 और सिविल लाइन्स में 40 मामले सामने आए।

गैंगरेप के मामले भी शहर के सभी छह पुलिस डिवीजनों में दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, मॉडल टाउन में 10 और कैंटोनमेंट में नौ मामले सामने आए, जबकि सदर और इकबाल टाउन में छह-छह मामले दर्ज हुए।

ये आंकड़े दर्ज शिकायतों का ब्योरा हैं। इनके आधार पर हर इलाके में होने वाले वास्तविक अपराधों की पूरी संख्या का अनुमान लगाना संभव नहीं है।

दर्ज मामलों से बड़ी हो सकती है वास्तविक तस्वीर

VOPM ने कहा कि यौन हिंसा की घटनाओं में पीड़ितों के सामने कई सामाजिक और व्यक्तिगत बाधाएं होती हैं। बदनामी का डर, शर्मिंदगी, परिवार का दबाव और समाज से अलग किए जाने की आशंका लोगों को शिकायत दर्ज कराने से रोक सकती है।

संगठन के अनुसार, दर्ज मामलों में वृद्धि का मतलब यह हो सकता है कि घटनाएं बढ़ रही हैं या अधिक पीड़ित शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रहे हैं। इसलिए केवल पुलिस रिकॉर्ड देखकर समस्या की पूरी गंभीरता समझना मुश्किल है।

विदेशी महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म का भी जिक्र

संगठन ने लाहौर में अजरबैजान की 20 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना का भी उल्लेख किया। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा था।

VOPM ने जोर दिया कि यौन हिंसा का मुद्दा केवल विदेशी नागरिकों तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान की स्थानीय महिलाओं और लड़कियों को भी ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें से कई मामलों को व्यापक सार्वजनिक ध्यान नहीं मिल पाता।

संगठन ने पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय की मांग की

VOPM ने यौन हिंसा को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। संगठन ने दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत करने, पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकायत दर्ज कराने वालों को बेहतर सहायता देने की जरूरत पर जोर दिया।

यौन हिंसा के मामलों में निष्पक्ष जांच, पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और समय पर न्याय बेहद महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों की पहचान और निजता की रक्षा करना भी जरूरी है, ताकि पीड़ित बिना किसी अतिरिक्त दबाव के न्याय पाने की कोशिश कर सकें।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स, पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से प्रकाशित आंकड़ों और VOPM के बयानों के आधार पर तैयार की गई है। आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। खबर में उल्लेखित आरोपों और मामलों से जुड़े निष्कर्षों के लिए संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच की जानकारी को आधार माना जाना चाहिए।

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