दुनिया में ऐसे कई लोग समाने आते हैं, जो दावा करते हैं कि वो टाइम ट्रैवलर हैं. इसके साथ ही कई सबूत भी पेश किये जाते हैं, जो इस दावे को पुख्ता करते हैं. अब 1937 में खींची गई एक तस्वीर ऐसा ही दावा कर रही है.

इन दिनों दुनिया में टाइम ट्रैवल के कॉन्सेप्ट पर खूब चर्चा हो रही है. जहां एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय ऐसी कोई तकनीक बनी ही नहीं है, जिससे भविष्य या भूतकाल की यात्रा की जा सकती है. हालांकि, आने वाले समय में ऐसी मशीन बनाए जाने से वो इंकार नहीं करते हैं.
इसके उलट दुनिया में ऐसे कई लोग सामने आते हैं, जो दावा करते हैं कि वो टाइम ट्रैवलर हैं. इसके साथ ही कई सबूत भी पेश किए जाते हैं, जो इस दावे को पुख्ता करते हैं. अब सोशल मीडिया पर 1937 में खींची गई एक तस्वीर ऐसा ही दावा कर रही है.
क्या है इस फुटेज में?
1937 की यह पुरानी न्यूजरील फुटेज शुरू में बिल्कुल नॉर्मल लगती है. इसमें कई महिलाएं सीढ़ियों से नीचे उतर रही हैं. लेकिन करीब से देखने पर एक महिला सबका ध्यान खींचती है. बाकी महिलाएं सफेद स्कार्फ पहने हैं जबकि यह महिला ब्लैक हेड रैप और शॉर्ट स्लीव ड्रेस पहने है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वह कान पर कुछ रखकर बात कर रही है. मानो कोई 21वीं सदी का मोबाइल फोन हो. वह बीच-बीच में रुक-रुककर सुनती भी दिख रही है. यह देखकर लोग हैरान रह गए.
लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई है. कुछ लोग कहते हैं कि यह टाइम ट्रैवलर है जो भविष्य से आई है. वहीं कुछ इसे कोइन्सिडेंस या ऑप्टिकल इल्यूजन मानते हैं. वहीं कई यूजर्स मजाक में लिख रहे हैं – “1937 में भी जियो का नेटवर्क था क्या?” कंस्पिरेसी थ्योरी प्रेमी इसे असली सबूत मान रहे हैं कि टाइम ट्रैवल संभव है.
वैज्ञानिक नजरिया
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोई पुराना सुनने वाला उपकरण (hearing aid) या फोटो का एंगल हो सकता है. 1930 के दशक में भी कुछ आधुनिक दिखने वाले गैजेट्स थे. लेकिन छवि की स्पष्टता और महिला का व्यवहार इसे रहस्यमयी बनाता है. हालांकि, आपको बता दें कि टाइम ट्रैवल के दावे के और भी सबूत सामने आ चुके हैं. इससे पहले भी कई पुरानी तस्वीरों और वीडियो में आधुनिक चीजें दिखने के दावे हुए हैं. जैसे पुरानी फिल्म में सनग्लासेस वाला आदमी या 1920 की तस्वीर में हाथघड़ी. ये सभी बहस का विषय बने रहते हैं.



