भारतीय टीम को शनिवार को टी20 में नया कप्तान मिल गया। सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान नियुक्त किया गया। खास बात यह है कि श्रेयस अय्यर भारत की टी20 टीम से 30 महीने से बाहर थे। इस दौरान भारत दो बार टी20 विश्व कप का खिताब जीता, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग में उन्होंने बतौर कप्तान और बल्लेबाज दमदार प्रदर्शन करके खुद का दावा ऐसा पेश किया कि सीधे कप्तान के तौर पर उनकी टीम में वापसी हुई।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रेयस अय्यर को तिलक वर्मा के चोटिल होने पर न्यूजीलैंड के खिलाफ में चुना गया था। हालांकि, वह एक भी मैच नहीं खेल पाए। दिसंबर 2023 में उन्होंने आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के लिए टी20 खेला था। अय्यर ने भारत के लिए 51 टी20 में 30.66 के औसत और 136.12 के स्ट्राइक रेट से 1104 रन बनाए हैं। इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं।
कैसे कप्तान बने अय्यर
आईपीएल के पिछले सीजन में 600 से ज्यादा रन और इस साल करीब 500 रन बनाकर अय्यर ने एक बल्लेबाज के तौर पर अपनी एक मजबूत दावेदारी पेश की। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने खुद को साबित किया है। उनकी अगुआई में कोलकाता नाइट राइडर्स 2024 में खिताब जीता। पंजाब किंग्स ने 2025 में फाइनल खेला। 2026 में भी वह पंजाब को प्लेऑफ के करीब लेकर आए।
रिकी पोंटिंग ने की भविष्यवाणी हुई सच
कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर की काफी प्रशंसा भी हुई है। पंजाब किंग्स के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग कभी भी अय्यर की कप्तानी की तारीफ करने से नहीं हिचकिचाए। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि वह आगे चलकर भारत की टी20 में कप्तानी करेंगे। अय्यर हाल ही में आईपीएल में 100 से ज्यादा मैच में कप्तानी करने वाले कप्तानों के क्लब में शामिल हुए।
बिरले हैं वैभव सूर्यवंशी
भारतीय टीम में पहले भी बिहारी क्रिकेटर खेले हैं। वर्तमान में भी इशान किशन और आकाशदीप जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बिहार का प्रतिनिधित्व करके भारतीय टीम में चुने जाने वाला खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है। ।



