
मानसा: पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर उनके पिता बलकौर सिंह ने एक बार फिर निराशा जाहिर की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके बेटे की हत्या हुई थी, तब भी उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला।
बलकौर सिंह ने आरोप लगाया कि जांच को लेकर कई आश्वासन दिए गए, मगर उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बेटे को खोने के बाद परिवार लगातार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन इंतजार लंबा होता जा रहा है।
जांच और नार्को टेस्ट के आश्वासनों पर उठाए सवाल
बलकौर सिंह के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में विशेष जांच दल (एसआईटी) और सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने जैसी बातें कही गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने मामले में कुछ आरोपितों को लेकर संदेह जताया, तब नार्को टेस्ट कराने का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, उनके अनुसार ये आश्वासन पूरे नहीं हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया जाता है, तो उन वादों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। उनके बयान में बेटे की हत्या के मामले में न्याय मिलने की लंबी प्रतीक्षा का दर्द साफ झलका।
अमित शाह के पंजाब दौरे पर भी उठाए सवाल
मानसा में धरने के दौरान बलकौर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने कहा कि परिवारों से मिलना तभी सार्थक होगा, जब उनकी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई हो और उन्हें न्याय मिलने की दिशा में प्रगति दिखाई दे।
उन्होंने परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। इस मामले में जांच कहां तक पहुंची है, इसे लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की।
29 मई 2022 को हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने संगीत जगत और उनके प्रशंसकों को गहरा झटका दिया था। इसके बाद से उनका परिवार लगातार मामले में न्याय की मांग करता रहा है।
बलकौर सिंह की ताजा प्रतिक्रिया एक बार फिर इस बात को सामने लाती है कि गंभीर आपराधिक मामलों में पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की प्रक्रिया और जांच में पारदर्शिता कितनी अहम होती है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और बलकौर सिंह के सार्वजनिक रूप से व्यक्त आरोपों व विचारों पर आधारित है। मामले से जुड़े दावों और जांच की स्थिति का आकलन आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।



