Satya Report: Sita Navami 2026: सनातन धर्म में सीता नवमी के त्योहार का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था। वैष्णव संप्रदाय में आज माता सीता के निमित्त व्रत रखने की परंपरा भी है। व्रत रखकर श्री राम सहित माता सीता का पूरे विधिविधान से पूजन किया जाता है और उनकी स्तुति की जाती है। कहते हैं इस दिन जो कोई भी व्रत करता है, उसे सोलह महा दानों और सभी तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है। लिहाजा इस दिन का आपको लाभ अवश्य ही उठाना चाहिए।

सीता नवमी मंत्र
सीता नवमी के दिन माता सीता और श्री राम के इस मंत्र का 11 बार जप अवश्य करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है
- श्री सीतायै नमः।
- श्री रामाय नमः।
इस मंत्र का जप करके माता सीता और श्री राम, दोनों को पुष्पांजलि चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लें। इससे आपके सारे मनोरथ सिद्ध होंगे।
सीता नवमी के उपाय
- अगर आपके जीवनसाथी की सेहत में बारबार उतारचढ़ाव बना रहता है, तो अपने जीवनसाथी के अच्छे स्वास्थ्य के लिये सीता नवमी पर चारचार सौ ग्राम सात अलगअलग अनाज लेकर उन सातों अनाज को
- अलगअलग मन्दिरों में दान कर दें।
- अगर आपके बिजनेस में दिक्कत आ रही है तो सीता नवमी के दिन गमले समेत दो सफेद फूल वाले पौधे लें। उनमें से एक गमले को मन्दिर में भेंट कर दें और दूसरे सफेद फूल के पौधे को अपने बिजनेस साझेदार को गिफ्ट कर दें।
- अगर आप किसी को पसंद करते हैं और उसे अपना हमसफर बनाना चाहते हैं, लेकिन आपके साथी की खराब आर्थिक स्थिति के चलते आपके विवाह में अड़चनें आ रही हैं, तो इस दिन मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और किसी छोटी कन्या के पैर छूकर आशीर्वाद लें।
- मानसिक शांति के लिए इस दिन पके हुए सफेद बासमती चावल में पिसी हुई शक्कर डालकर सफेद रंग की गाय को खिलाएं और साथ ही दोनों हाथ जोड़कर गौ माता का आशीर्वाद लें।
- सुखसमृद्धि के लिये इस दिन रूई की बाती बनाकर उसे घी में डुबोकर पूरा दिन रखा रहने दें। अगले दिन उन सारी रूई की बाती को एक डिब्बी में डालकर किसी मन्दिर में दे आयें।
- अगर आपकी पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं तो एक मुट्ठी चावल में थोड़ीसी मोटी सफेद मिश्री मिलाकर उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें।



